भाभी को प्रताड़ित करने के मामले में देवर को 6 वर्ष का कठोर कारावास, जुर्माना भी लगाया
HNN/ऊना
जिला में एसीजेएम कोर्ट-एक ऊना की अदालत ने भाभी को प्रताड़ित करने के मामले में देवर को छह वर्ष के कठोर कारावास सहित 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि आरोपी किसी सूरत में जुर्माना अदा नहीं करता तो उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी की पहचान दिनेश चंद्र निवासी संतोषगढ़ के वार्ड चार के रूप में हुई है। दोषी दिनेश चंद्र ऊना कोर्ट में बतौर अधिवक्ता है।
बता दें पीड़िता का पति पंजाब पुलिस में एसपीओ पद पर तैनात था। जिसकी मई 1998 में सड़क हादसे में मौत हो गई। जिसके बाद से ही देवर दिनेश चंद्र लगातार बदसलूकी के साथ मारपीट करने लगा और शादी करने का दबाव डालता रहा। घर में अन्य सदस्यों को इस बारे में बताया तो उन्होंने परिवार की इज्जत को देखते हुए समझौता करवा दिया।
मगर इसके बाद भी आरोपी देवर उसके साथ मारपीट करता रहा और साथ ही धमकियां भी देता रहा। जिसके बाद पीड़िता ने 21 नवंबर 1999 को तत्कालीन पंचायत के पास मामला पहुंचा। पंचायत में आरोपी ने रौब दिखाते हुए हाथापाई की और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़िता ने देवर के खिलाफ शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायतकर्ता के आधार पर मामला दर्ज किया और चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की।
कोर्ट में मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी मिनाशा ने की। जबकि आरोपी अधिवक्ता दिनेश चंद्र ने अपना केस स्वयं लड़ा। सहायक जिला न्यायवादी मिनाशा ने बताया कि अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश किए गए। अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से दलीलें सुनने के बाद दिनेश चंद्र को दोषी करार दिया और उक्त सज़ा सुनाई।