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मंडी में भूकंप के झटके : हिमाचल के संवेदनशील इलाके में हलचल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन 23 Feb 2025 Edited 23 Feb 1 min read

Himachalnow / मंडी

सुबह महसूस हुए झटके, लोग घबराकर घरों से निकले

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, यह भूकंप सुबह 8:42 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई। इसका केंद्र सुंदरनगर के किआरगी क्षेत्र में था और इसकी गहराई लगभग 5 किलोमीटर थी।

हालांकि, हल्की तीव्रता के कारण कई लोगों ने झटके महसूस नहीं किए, लेकिन कुछ इलाकों में लोगों ने घबराकर घरों से बाहर निकलना शुरू कर दिया। राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है।

हिमाचल में लगातार भूकंप क्यों आते हैं?
हिमाचल प्रदेश, विशेष रूप से मंडी, चंबा, शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और किन्नौर जिले, भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन-5 में आते हैं। यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव के कारण बार-बार भूकंपीय गतिविधियों का सामना करता है। यही वजह है कि यहां अक्सर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।

भूकंप को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है, जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल भी कहा जाता है। यह पैमाना 1 से 9 तक होता है, जो भूकंप की ऊर्जा को दर्शाता है। भूकंप की तीव्रता और गहराई से इसके प्रभाव का अंदाजा लगाया जाता है।

हिमाचल में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता क्यों जरूरी?
मंडी और आसपास के इलाके संवेदनशील जोन में आते हैं, जहां हल्के झटके आम बात हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार आने वाले हल्के झटकों से ऊर्जा का धीरे-धीरे निकलना अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह बड़े भूकंप की संभावना को कम कर सकता है। लेकिन लोगों को सतर्क रहना चाहिए और भूकंप से बचाव के उपायों की जानकारी होनी चाहिए।