लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

मां बालासुंदरी शक्तिपीठ बेहतर सुविधाओं के चलते साबित हुआ कमाऊ पूत

PRIYANKA THAKUR | 19 अप्रैल 2022 at 4:23 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

15 दिनों में 2 करोड 36 लाख का चढ़ा चढ़ावा, सोने-चांदी से भरे खजाने

HNN / नाहन

उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार माता बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर के खजाने इस बार भरपूर हुए हैं। सरकार व प्रशासन के बेहतर प्रयासों के चलते इस बार नवरात्रों के दौरान साढ़े तीन लाख के लगभग श्रद्धालुओं का सैलाब मंदिर में उमड़ा। शक्ति पीठ में 15 दिनों के दौरान 2 करोड 36 लाख का नकद चढ़ावा चढ़ा। जबकि 119 ग्राम सोना तथा 27 किलो चांदी श्रद्धालुओं के द्वारा मंदिर में चढ़ाई गई। बड़ी बात तो यह है कि इस बार नवरात्रों के दौरान हरियाणा व उत्तराखंड से आने वाले श्रद्धालु बेहतर व्यवस्थाओं को लेकर काफी खुश भी नजर आए।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

एक ओर जहां श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा से मंदिर के खजाने भरपूर किए तो वही सरकार व प्रशासन की ओर से भी तमाम मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई। स्थानीय विधायक डॉक्टर राजीव बिंदल के प्रयासों के चलते ना केवल कालाअंब से त्रिलोकपुर मंदिर तक सड़क को सुधारा गया बल्कि शक्तिपीठ को सलानी-कटोला से अल्टरनेट मार्ग से भी जोड़ दिया गया है। सरकार के द्वारा इन दोनों व्यवस्थाओं पर करीब साढ़े तीन करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च किया गया है। यही नहीं शक्ति पीठ में श्रद्धालुओं को पहले खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता था वही अब 125 आधुनिक शौचालयों का निर्माण भी किया जा चुका है।

महामाया बाला सुंदरी मंदिर न्यास सहित त्रिलोकपुर गांव को निर्बाध बिजली और पेयजल भी मुहैया करवाया जा रहा है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि विधायक के प्रयासों के चलते त्रिलोकपुर व कालाअंब प्रदेश की ऐसी पहली पंचायत है जिसके हर घर को सीवरेज व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। यहां यह भी बता दें कि सलानी कटोला से त्रिलोकपुर मंदिर तक जो अल्टरनेट सड़क निकाली गई है उस पर एक करोड रुपए खर्च किया गया है। बड़ी बात तो यह है कि 20 मई को विधायक डॉ राजीव बिंदल द्वारा इसका लोकार्पण भी किया जाएगा।

शक्ति पीठ में जहां पहले मेलों के दौरान स्कूलों में भंडारा लगाने पर श्रद्धालुओं को मजबूर होना पड़ता था वहीं अब सरकार के द्वारा एक ही जगह पर भंडारे आयोजित करने के लिए स्थान भी तैयार कर दिया गया है। विद्युत व्यवस्था को लेकर ना केवल मंदिर बल्कि गांव के घरों को भी जनरेटर सुविधा से जोड़ा गया है। वही स्थानीय विधायक के द्वारा यह भी प्रयास किया जा रहा है कि काला अंब से त्रिलोकपुर मंदिर तक श्रद्धालुओं के लिए पैदल पथ का निर्माण भी किया जाये। विधायक के द्वारा इस व्यवस्था को लेकर हरियाणा, अंबाला के उपायुक्त और सिरमौर के उपायुक्त की संयुक्त बैठक भी जल्द बुलाई जा सकती है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रेवेन्यू विभाग को साथ लेकर पैदल पाथ के लिए निशानदेही कराया जाना है।

बरहाल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार महामाया बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर का जिस प्रकार तमाम सुविधाओं के साथ जीर्णोद्धार किया गया है आने वाले समय में यहां की व्यवस्था अन्य शक्तिपीठों के लिए प्रेरणा स्त्रोत भी बनेंगी।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]