मिनिस्ट्रीरियल स्टाफ के कोटे में कोई छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं – कर्मचारी संघ का कड़ा रुख

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पटवारी-कानूनगो संघ की मांग का विरोध , सरकार को दी चेतावनी

नाहन : हिमाचल प्रदेश के उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी संघ ने पटवारी-कानूनगो संघ की उस मांग का विरोध किया है, जिसमें उन्होंने कानूनगो से नायब-तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए मिनिस्ट्रीरियल स्टाफ के 20 प्रतिशत कोटे को समाप्त करने और अपने कोटे को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की मांग की है।

संघ का कहना है कि यह मांग तर्कहीन और आधारहीन है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि मिनिस्ट्रीरियल स्टाफ के लिए निर्धारित कोटे में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए। कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार इस कोटे में बदलाव करती है, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।

संघ ने सरकार के सामने रखा अपना पक्ष

उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी संघ, जिला सिरमौर इकाई के अध्यक्ष सुदेश तोमर, महासचिव विजय ठाकुर, नाहन यूनिट के प्रधान सुमित कुमार, महासचिव विनय नेगी और वरिष्ठ उपप्रधान कृति अग्रवाल ने संयुक्त बयान जारी कर इस मांग को अस्वीकार्य बताया है।

संघ ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने 20 अगस्त 2024 को अधिसूचना जारी कर पटवारी-कानूनगो संघ की विभिन्न मांगों की समीक्षा करने के लिए बलवान चंद, अतिरिक्त सचिव (राजस्व) की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया था।

कर्मचारी संघ का पक्ष नहीं सुना गया

संघ ने आरोप लगाया कि बलवान कमेटी ने मिनिस्ट्रीरियल स्टाफ के कोटे पर अपनी संस्तुति वाली रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ से चर्चा किए बिना ही सरकार को भेज दी। कर्मचारी महासंघ ने 23 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) और निदेशक भू-अभिलेख से अनुरोध किया था कि उन्हें भी इस कमेटी के साथ बैठक का अवसर दिया जाए, ताकि वे भी अपना पक्ष रख सकें।

संघ का कहना है कि सरकार द्वारा उन्हें बैठक के लिए नहीं बुलाया गया, जिससे यह पूरी प्रक्रिया एकतरफा लगती है। उनका मानना है कि बिना उचित चर्चा और सभी पक्षों की सहमति के, किसी भी कोटे में बदलाव करना न्यायसंगत नहीं होगा।

टू-टायर प्रमोशन प्रणाली पर भी दी सफाई

संघ ने कहा कि टू-टायर प्रमोशन प्रणाली केवल राजस्व विभाग में ही लागू नहीं है, बल्कि सरकार के अधीनस्थ अन्य विभागों में भी यह व्यवस्था लागू है। अन्य सभी विभागों में अधीक्षक वर्ग-।। के पदों पर 100 प्रतिशत पद वरिष्ठ सहायक पोषक वर्ग से ही भरे जाते हैं। इसलिए पटवारी-कानूनगो संघ का यह दावा कि यह व्यवस्था केवल राजस्व विभाग में है, पूरी तरह से गलत और निराधार है।

मुख्यमंत्री से मिला आश्वासन

संघ ने बताया कि उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधि अब तक चार से पांच बार मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें पूर्ण आश्वासन दिया है कि उनके लिए निर्धारित कोटे में किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह उनका अधिकार है।