मुख्यमंत्री और मंत्री का जनमंच को लंचमंच कहना भाजयु को नगवारा गुजरा
राज्य युवा मोर्चा प्रवक्ता विनय छिंटा ने जनमंच को लंचमंच कहने पर कड़े शब्दों में करी सुक्खू सरकार की आलोचना
HNN/नाहन
कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के द्वारा जयराम सरकार के कार्यकाल में आयोजित किए गए जनमंच कार्यक्रम को लंचमंच कहना प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा को नगवारा गुजारा है। वीरवार को नाहन जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य युवा मोर्चा प्रवक्ता विनय छिंटा ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में पूर्व में रही जयराम सरकार द्वारा हर माह आयोजित किए जाने वाला जनमंच कार्यक्रम एक ऐसा कार्यक्रम था जिसमें सरकार और प्रशासन की जनता के दरबार में सीधे-सीधे जवाब देही होती थी।

उन्होंने कहा कि जनमंच कार्यक्रम में ना तो क्षेत्रवाद देखा जाता था और ना ही भाजपा कांग्रेस की बात होती थी। विनय छिंटा ने कहा जनमंच में मौके पर ही हर व्यक्ति की समस्या और शिकायत का निवारण किया जाता था। उन्होंने कहा कि जनमंच इकलौता ऐसा कार्यक्रम था जिसमें जनता का शासन व्यवस्था पर समय-समय पर सीधा प्रयास स्थापित किया जाता था। विनय छिंटा ने मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री के कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जनमंच ही एक ऐसा मंच था जिसमें जवाब देही को एक मंच से सुनिश्चित किया जाता था।

उन्होंने कहा कि जब कई गांव के लोग दूर दराज क्षेत्रों से जनमंच कार्यक्रम में हिस्सा लेने आते थे तो उन्हें भूखे पेट भी नहीं रखा जाता था और ना ही उन लोगों में यह देखा जाता था की कौन बीजेपी का है और कौन कांग्रेस का। जयराम सरकार अतिथि देवो भव: की तहत जनमंच में आए हर व्यक्ति को भोजन भी परोस कर देती थी। अब लोगों को भोजन करना भी अगर गुनाह है तो सुक्खू सरकार यह बताए कि बीते 1 वर्ष में उन्होंने ऐसी कौन सी योजना लाई है जहां सरकार की ओर से सरकार की सुशासन की जवाब देही सुनिश्चित हुई है।

उन्होंने तो यहां तक भी कह दिया कि सरकार को बने एक वर्ष होने जा रहा है मगर प्रदेश के मुख्यमंत्री 68 विधानसभा क्षेत्र में से कितनी भी विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। कम से कम वह इसके बारे में जनता को जरूर बताएं। उन्होंने कहा कि पूर्व में रहे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री बनते ही प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में जनता का आभार व्यक्त करते हुए और जनता से किए गए वादों का सिलसिलेवार दिलाने के लिए पहुंचे थे।
विनय छिंटा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री राजस्व विभाग के उन मामलों पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं जो कि न्यायपालिका में लंबित चल रहे हैं। छिंटा ने सरकार की इस बयान को लेकर सीधे-सीधे यह आरोप लगाया है कि प्रदेश की सुक्खू सरकार न्यायपालिका पर भी सवाल लगा रही है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को आपदा से हुए नुकसान के बाद केंद्र से जो आर्थिक मदद मिली है उसका आभार व्यक्त करना चाहिए। मगर सुख सरकार यह मन बना चुकी है कि देश-प्रदेश को सुशासन देने वाली भाजपा का किस तरह से विरोध किया जाए।
विनय छिंटा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू यह बताएं कि उन्होंने अपने मेनोफेस्टो में सरकार बनते ही 1 लाख युवा को रोजगार देने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि सरकार यह भी बताएं कि कितने युवाओं को बीते एक वर्ष के दौरान नौकरियां दी गई है। छिंटा ने कहा कि सुक्खू सरकार जनता की भरोसे की कसौटी पर पूरी तरह से फेल साबित हो गई है। यही वजह है कि जनता का ध्यान भटकने के लिए वह ऐसे मुद्दे उठा रही है जो कि पहले से ही पूर्व में रही सरकार के द्वारा जनता का भरोसा जीतने के लिए जनता ने ही उस पर अपने भरोसे की मोहर लगाई थी।