मुख्यमंत्री के प्रस्तावित शिलान्यास से पहले जल शक्ति विभाग कार्यालय खाली, कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ऊना में करोड़ों रुपये की सिंचाई योजना के शिलान्यास से ठीक एक दिन पहले जल शक्ति विभाग के मंडल एक कार्यालय में अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने विभागीय जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली को लेकर चिंता जताई है।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
शिलान्यास से पहले कार्यालय में नहीं मिले अधिकारी
कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में 13 मार्च को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा लगभग 15 करोड़ रुपये की कुटलैहड़ सिंचाई एवं प्याऊ योजना का शिलान्यास किया जाना प्रस्तावित है। इसी बीच गुरुवार को करीब 11:45 बजे जब जल शक्ति विभाग मंडल एक ऊना मुख्यालय स्थित कार्यालय का निरीक्षण किया गया, तो सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता के कक्ष खाली पाए गए।
रिकॉर्ड में तैनाती, लेकिन कक्षों में नहीं दिखे अधिकारी
कार्यालय में उपलब्ध रिकार्ड और नाम पट्टिकाओं के अनुसार यहां कई अभियंताओं की तैनाती दर्शाई गई है, लेकिन मौके पर कोई भी अधिकारी अपने कक्ष में मौजूद नहीं मिला। सामने आई तस्वीरों में अधिकारियों के कक्ष पूरी तरह खाली दिखाई दिए और कुर्सियां भी खाली पड़ी थीं, जबकि सरकारी कार्यालयों का निर्धारित कार्य समय सुबह 10 बजे से शुरू हो चुका था।
कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सरकारी सेवा नियमों के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों का समय पर कार्यालय में उपस्थित रहना आवश्यक होता है, ताकि आम जनता को समय पर सेवाएं मिल सकें। ऐसे में विभागीय कार्यालय में दिखाई दी यह स्थिति विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास होने जा रहा है, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्यालय में उपस्थित रहकर तैयारियों की निगरानी और जनता की समस्याएं सुननी चाहिए।
कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की इस लापरवाही को लेकर कोई कार्रवाई करेगा या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाएगा।