मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिया निर्देश, स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम में सभी अधिकारी निभाएं सक्रिय भूमिका
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ‘अपना विद्यालय–हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने तय समयसीमा में स्कूल गोद लेने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
शिमला
स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम को तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक के दौरान निर्देश दिए कि ‘अपना विद्यालय–हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम’ के तहत जिला और उपमंडल स्तर के अधिकारी सक्रिय रूप से सरकारी स्कूलों से जुड़ें। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य शिक्षण गुणवत्ता और सह-पाठ्य गतिविधियों में सुधार लाना है।
चार स्कूल गोद लेना होगा अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और वरिष्ठ अधिकारी कम से कम चार-चार स्कूल गोद लेंगे। अधिकारी प्रतिमाह स्कूलों का दौरा कर छात्रों से संवाद करेंगे और करियर मार्गदर्शन व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर उन्हें दिशा देंगे।
निरीक्षण और निगरानी पर रहेगा फोकस
गोद लिए गए स्कूलों में उपायुक्तों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारी शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समितियों के साथ मिलकर स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने पर कार्य करेंगे, जिससे सरकारी बजट का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
अब तक 4231 स्कूल गोद लिए गए
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब तक प्रदेश में 4231 स्कूल गोद लिए जा चुके हैं, जिनमें प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कमजोर विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।