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सिरमौर में किशोरियों के लिए बड़ा स्वास्थ्य अभियान शुरू, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव को लगेगा एचपीवी टीका

Shailesh Saini 29 Mar 2026 Edited 29 Mar 1 min read

14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं के लिए जिले में 19 केंद्र तैयार, अभिभावकों से तय तिथियों पर पहुंच सुनिश्चित करने की अपील

हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

जिला सिरमौर में किशोरियों को गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं के लिए मानव पैपिलोमा विषाणु (एचपीवी) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जिले भर में तय तिथियों पर टीकाकरण किया जाएगा। यह अभियान 29 मार्च, 5 अप्रैल, 12 अप्रैल, 19 अप्रैल, 10 मई और 24 मई 2026 को संचालित होगा।

स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के लिए जिले के सभी छह चिकित्सा खंडों में तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग की ओर से 19 शीत श्रृंखला केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जहां पर्याप्त मात्रा में टीके, आवश्यक लॉजिस्टिक, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और जागरूकता सामग्री उपलब्ध करवाई गई है। अभियान के सुचारु संचालन और निगरानी के लिए पर्यवेक्षण टीमें भी तैनात कर दी गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।

अभियान के तहत धगेड़ा खंड में मेडिकल कॉलेज नाहन स्थित मातृ-शिशु केंद्र और नागरिक अस्पताल ददाहू को केंद्र बनाया गया है। संगड़ाह खंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संगड़ाह, हरिपुरधार, नोहराधार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटिधिमान को शामिल किया गया है। पांवटा साहिब-राजपुर खंड में नागरिक अस्पताल पांवटा साहिब, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माजरा, सतौन, कुंडियों, कमरू, गोरखुवाला, जाखना और रामपुर भरापुर को केंद्र बनाया गया है। वहीं शिलाई खंड में नागरिक अस्पताल शिलाई और राजगढ़ खंड में नागरिक अस्पताल राजगढ़ में टीकाकरण किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचपीवी टीका गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव का अत्यंत प्रभावी माध्यम माना जाता है। यह संक्रमण महिलाओं में होने वाले इस गंभीर कैंसर का प्रमुख कारण है। विभाग का कहना है कि यह टीका कम आयु में अधिक प्रभावी रहता है और एकल खुराक के माध्यम से लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है। यही कारण है कि इस अभियान को किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विभाग ने पात्रता को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केवल वही बालिका टीकाकरण के लिए पात्र होगी जिसकी जन्म तिथि 28 फरवरी 2011 या उसके बाद की हो और टीकाकरण के दिन उसकी आयु 14 वर्ष पूर्ण हो चुकी हो। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस अभियान के लिए पात्र जन्म तिथि की कुल सीमा 28 फरवरी 2011 से 24 मई 2012 तक निर्धारित की गई है।

अभिभावकों से विशेष अपील की गई है कि वे अपनी बेटियों की जन्म तिथि की पुष्टि स्कूल रिकॉर्ड, आधार कार्ड या अन्य आधिकारिक दस्तावेज से अवश्य कर लें, ताकि टीकाकरण के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न आए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पात्र बालिकाएं तय तिथियों पर अपने नजदीकी टीकाकरण केंद्र तक अवश्य पहुंचें।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह अभियान केवल एक टीकाकरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य में महिलाओं को गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में एक मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल है। विभाग ने सभी पात्र किशोरियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है, ताकि जिले में इस अभियान को व्यापक सफलता मिल सके।

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