हिमाचल प्रदेश सरकार युग हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट के फैसले से असंतुष्ट है और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है। हाईकोर्ट ने दो दोषियों की फांसी को उम्रकैद में बदल दिया और एक को बरी कर दिया है।
शिमला
हाईकोर्ट के फैसले पर असंतोष
बहुचर्चित युग हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने हाल ही में दो दोषियों की सजा-ए-मौत को उम्रकैद में तब्दील कर दिया और एक आरोपी को बरी कर दिया। सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा कि निचली अदालत ने तीनों को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसकी पुष्टि हाईकोर्ट को करनी थी। लेकिन इस फैसले ने राज्य सरकार को असंतुष्ट किया है।
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सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार
अतिरिक्त महाधिवक्ता का कहना है कि तेजिंद्र पाल की भूमिका भी अन्य दोषियों के समान थी, फिर भी उसे बरी कर दिया गया। सरकार इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। आने वाले दो से तीन दिन में महाधिवक्ता कार्यालय से राय राज्य सरकार को भेज दी जाएगी।
सख्ती पर रहेगा जोर
सरकार का मानना है कि इस जघन्य अपराध में तीनों की भूमिका बराबर थी और दोषियों को सजा-ए-मौत से राहत नहीं मिलनी चाहिए। मामले को जल्द ही राज्य गृह विभाग के माध्यम से ऊपरी अदालत में ले जाया जाएगा।
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