लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

रथ आरूढ़ हो नाहन में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य यात्रा

SAPNA THAKUR | 3 जुलाई 2022 at 3:25 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

HNN/ नाहन

ऐतिहासिक शहर नाहन में रविवार को हजारों भक्तों की उपस्थिति में भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा का आयोजन हुआ। रथ यात्रा का शुभारंभ रथयात्रा मंडल नाहन के द्वारा करवाया गया। इस भव्य रथ यात्रा के सूत्रधार प्रकाश बंसल के द्वारा पहली बार राज परंपरा का भी निर्वहन करवाया गया। रथयात्रा मंडल के अध्यक्ष प्रकाश बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ पुरी के बाद नाहन का ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर स्थापित सिद्ध पीठ है।

उन्होंने बताया कि नाहन के श्री जगन्नाथ मंदिर की स्थापना राज परिवार के द्वारा बाबा बनवारी दास के आशीर्वाद से 18वीं सदी में स्थापित किया गया था। बंसल ने कहा कि रविवार को सबसे पहले सुबह 8:00 बजे पूर्ण आहुति हुई जिसमें मुख्य रुप से राज परिवार के उदय प्रकाश सम्मिलित हुए। यहां यह भी बता दें कि नाहन में आयोजित होने वाली रथ यात्रा पूरी तरह से विधि विधान द्वारा की जाती है। इस भव्य रथ यात्रा के आयोजन से 3 दिन पहले भगवान श्री जगन्नाथ भूमि पर विराजमान हो जाते हैं।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

उनके भूमि पर विराजमान होते ही 3 दिनों तक लगातार 24 घंटे पूजा पाठ का आयोजन होता है। प्रकाश बंसल ने बताया कि पूर्णाहुति दिए जाने के बाद भगवान श्री जगन्नाथ जी अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ अलग-अलग पालनो में सवार होकर आद्या शक्ति मां काली के दर्शन करने काली स्थान मंदिर पहुंचे। शक्ति स्वरूपा के दर्शनों के बाद भगवान श्री जगन्नाथ गाजे बाजों के साथ नाहन चौगान मैदान में रखे गए और अपने भव्य रथ पर आरूढ़ हुए।

रथ पर सबसे पहले बलराम जी विराजमान हुए उसके बाद बहन सुभद्रा और अंत में सुदर्शन के साथ भगवान जगन्नाथ जी भव्य रथ पर आरूढ़ हुए। चौगान मैदान में रथ पर आरूढ़ भगवान श्री जगन्नाथ जी, बलराम और बहन सुभद्रा के दर्शनों को भक्तों का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। रथ यात्रा का भव्य आयोजन देखते ही देखते बन रहा था। चौगान मैदान में हरियाणा, नारायणगढ़ के प्रमुख व्यापारी सुमन दुआ व उनके साथियों के द्वारा जल व अपार प्रसाद का अटूट वितरण किया गया।

चौगान मैदान से भगवान श्री जगन्नाथ जी के रथ को नगर परिक्रमा कराने के लिए हजारों की तादाद में भगत भगवान के सारथी बने। बता दें कि श्री हरि जगन्नाथ जी एकमात्र ऐसे भगवान हैं जो खुद अपने स्थान से उठकर रथ आसीन होते हुए लोगों को दर्शन देने निकलते हैं। नगर परिक्रमा पर निकले श्री जगन्नाथ जी के रथ के आगे लोगों ने जमकर अपनी श्रद्धा लुटाई। रथ यात्रा में शामिल भक्तों के स्वागत में शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों आदि के द्वारा शरबत, मिठाइयां व भंडारे लगाए गए। इनरव्हील क्लब के द्वारा जैन व मुस्लिम समुदाय के सहयोग से मीठा शरबत व जल सेवा की गई।

यही नहीं रथयात्रा के दौरान भगवान को लगाए गए 56 भोगो का भी भक्तों में दिल खोलकर वितरण किया गया। देश के अन्य राज्यों से आए भगत मंडलियों के द्वारा भगवान जगन्नाथ जी का संकीर्तन किया गया। तो वही महिलाएं व युवतियां श्री कृष्ण लीला में पूरी तरह से डूबी हुई नजर आई। नगर व पुलिस प्रशासन के द्वारा रथ यात्रा के दौरान बेहतर व्यवस्था बनाई गई थी। बड़ी बात तो यह है कि रथ यात्रा के दौरान आपात स्थिति में गुजर रही एंबुलेंस को भी पुलिस व रथ यात्रा मंडल के द्वारा सेफ पैसेज देकर मरीज की जान बचाई गई।

बड़ी बात तो यह है कि नगर परिषद नाहन के द्वारा इस रथ यात्रा के नगर भ्रमण के दौरान सफाई व्यवस्था भी कुछ ही देर में चाक-चौबंद कर दी गई। बता दें कि रथयात्रा मंडल के द्वारा पिछले 14 वर्षों से लगातार भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा का आयोजन करवाया जाता है। कोविड के 2 सालों के दौरान रथ यात्रा का सूक्ष्म तरीके से आयोजन किया गया।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]