राजकीय महाविद्यालय चौकीमन्यार में भारत सरकार के संख्यिकी मंत्रालय द्वारा संख्यिकी साक्षरता संवर्धन विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला

By हिमांचलनाउ डेस्क नाहन Published: 3 Mar 2026, 6:42 PM | Updated: 3 Mar 2026, 6:42 PM 1 min read

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

कार्यशाला का आयोजन

उप-तहसील जोल एवं ग्राम पंचायत चौकीमन्यार के अंतर्गत आने वाले राजकीय महाविद्यालय चौकीमन्यार में भारत सरकार के संख्यिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित एवं हिमाचल सरकार के संख्यिकी मंत्रालय विभाग के दिशा निर्देश अनुसार सांख्यिकी साक्षरता संवर्धन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस करशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों में संख्यिकी के प्रति जागरूकता और समझ को बढ़ाना था।

विशेष वक्ताओं के विचार

कार्यशाला में दो विशेष वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इस पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऊना के प्राध्यापक डॉ भगवान दास ई गवर्नेंस और आर्थिक नीतियों पर सांख्यिकी की भूमिका पर सारगर्भित उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में शासन नीति निर्माण तथा आर्थिक आयोजन के लिए सांख्यिकीय आंकड़े तथा डाटा आधारित निर्णय कितने महत्वपूर्ण हैं । दूसरा उद्बोधन प्राध्यापक मनजीत सिंह द्वारा सांख्यिकी के मूल्य सिद्धांत विषय पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सांख्यिकी की आधारभूत अवधारणाओं तथा शैक्षणिक प्रशासनिक दैनिक जीवन में उपयोग को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया।

समन्वय और स्वागत

कार्यशाला समन्वयक डॉ राम सिंह द्वारा दोनों वक्ताओं का गर्म जोशी से स्वागत किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में जागरूक एवं सूचित नागरिक निर्माण के लिए संख्यिकी साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डाला।

छात्रों की प्रस्तुति और सम्मान

इस कार्यशाला के अंतिम सत्र में कॉमर्स विभाग के छात्रों में विभिन्न विषयों के ऊपर जानकारी प्रस्तुत की। इस कार्यशाला में विचार प्रस्तुत करने वाले छात्रों में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले छात्राओं को महाविद्यालय की कार्यकारी प्राचार्य डॉ० कविता कौशल द्वारा उन्हें पुरस्कृत कर उनका उत्साह वर्धन किया गया। इस कार्यशाला में संयोजक डॉ० रामकुमार नेगी एवं ऑर्गेनाइज सैक्ट्री डॉ० सुमन डोगरा ने भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सामूहिक शिक्षक एवं गैर शिक्षक कर्मचारियों उपस्थित रहे। कार्यशाला में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही। अंत में आयोजित संबाद सत्र के साथ इस कार्यक्रम का समापन हुआ। यह कार्यशाला शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।