पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी एजी पेरारिवलन को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। उच्चतम न्यायालय ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है। एजी पेरारिवलन पिछले 31 सालों से जेल में बंद है। दो महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने अच्छे बर्ताव के कारण पेरारिवलन की जमानत का आदेश दिया था। हालांकि, जमानत के बावजूद पेरारिवलन जेल में बंद था। अब सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया है।
हत्याकांड में क्या थी पेरारिवलन की भूमिका
बता दें कि 21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक जनसभा के दौरान हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 11 जून 1991 को पेरारिवलन को गिरफ्तार किया गया था। ये एक आत्मघाती हमला था। बम धमाके के लिए इस्तेमाल की गई दो 9 वोल्ट की बैटरी खरीद कर मास्टरमाइंड शिवरासन को पेरारिवलन ने ही दिया था।
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मिली थी मौत की सज़ा
बता दें कि पेरारिवलन को साल 1998 में टाडा कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। बाद में इस सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। साल 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने सजा को बरकरार रखने का आदेश दिया था। हालांकि इसके बाद साल 2014 में इसे मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया।
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