चंडीगढ़, दिल्ली, और गोवा की यात्रा से बच्चों को मिलेगा नया अनुभव और सीख
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज 22 अनाथ बच्चों के पहले दल को 13 दिवसीय भ्रमण पर रवाना किया। उन्होंने वोल्वो बस को हरी झंडी दिखाकर बच्चों को शुभकामनाएं दीं। यह भ्रमण मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया है, जिसमें इन बच्चों की शिक्षा, देखभाल और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने का प्रावधान है।
इस दल में 16 लड़कियां और 6 लड़के शामिल हैं। यात्रा के दौरान बच्चे 2 से 4 जनवरी तक चंडीगढ़ का भ्रमण करेंगे और हिमाचल भवन में ठहरेंगे। इसके बाद 5 जनवरी को शताब्दी ट्रेन से दिल्ली जाएंगे, जहां 8 जनवरी तक ठहरकर विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे। 9 जनवरी को यह दल हवाई जहाज से गोवा रवाना होगा और 13 जनवरी तक गोवा में ठहरकर पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों का आनंद लेगा। 14 जनवरी को बच्चे गोवा से चंडीगढ़ लौटेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बच्चों का हिमाचल की संपदा पर पूरा अधिकार है, और राज्य सरकार उनके माता-पिता की भूमिका निभा रही है। उन्होंने इस भ्रमण को बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। उनका कहना है कि इस तरह की पहल बच्चों को नए अनुभव और आत्मविश्वास प्रदान करेगी, जिससे वे भविष्य में देश की सेवा में योगदान दे सकें।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने इस पहल को राज्य सरकार का सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि पहले इन बच्चों की किसी ने सुध नहीं ली, लेकिन अब सरकार उनकी हर जरूरत का ध्यान परिवार की तरह रख रही है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरीश जनारथा, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

