राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने और शिक्षा सुधारों को लेकर नाहन में एबीवीपी का मूक प्रदर्शन, बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी जताई चिंता

नाहन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 11 सूत्रीय शिक्षा एवं प्रशासनिक मांगों को लेकर कॉलेज परिसर में काली पट्टी बांधकर मूक प्रदर्शन किया। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की तो प्रदेशभर में बड़े आंदोलन किए जाएंगे।

नाहन

एबीवीपी ने सरकार की उपेक्षा के खिलाफ जताया विरोध
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नाहन इकाई ने प्रदेश में शिक्षा संबंधी समस्याओं और सरकार की संवेदनहीनता के विरोध में कॉलेज परिसर में शांतिपूर्ण मूक प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर अपनी असहमति दर्ज कराई। परिषद का कहना है कि छात्रों के हितों को लगातार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है और शिक्षा व्यवस्था दिन-ब-दिन कमजोर हो रही है।

मांगों पर कार्रवाई न होने पर चेतावनी
इकाई अध्यक्ष स्वप्निल शर्मा ने कहा कि एबीवीपी छात्रों की वास्तविक समस्याओं को सरकार तक स्पष्ट संदेश देना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो संगठन प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन चलाने के लिए तैयार है। इकाई मंत्री साहिल ठाकुर ने कहा कि परिवर्तन के दावे करने वाली सरकार शिक्षा ढांचे को सुधारने की बजाय उसे और कमजोर कर रही है।

11 सूत्रीय मांगों की सूची सरकार को सौंपी
एबीवीपी नाहन इकाई 11 प्रमुख मुद्दों को लेकर आंदोलनरत है। इन मांगों में छात्र संघ चुनाव बहाल करने, सरदार पटेल विश्वविद्यालय का विस्तार, कृषि विश्वविद्यालय की भूमि हस्तांतरण रोकने, पालमपुर, हमीरपुर और नौनी विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति नियुक्त करने, धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए लंबित 30 करोड़ रुपये तुरंत जारी कराने जैसी प्रमुख बातें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्णतः लागू करने, कॉलेजों और क्षेत्रीय केंद्रों की आधारभूत संरचना मजबूत करने, विश्वविद्यालयों की मूल्यांकन प्रणाली में सुधार लाने, 100 स्कूलों को परिवर्तित करने का निर्णय रद्द करने, स्थायी रोजगार उपलब्ध करवाने और प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था व बढ़ती नशाखोरी पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी प्रमुख है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल
मूक प्रदर्शन में इकाई अध्यक्ष स्वप्निल शर्मा, साहिल अत्रि, शिखा, साहिल ठाकुर, तुषांत, तनु, मिष्टी सहित कई छात्र मौजूद रहे। एबीवीपी का कहना है कि यह आंदोलन छात्रों की आवाज़ को मजबूत करने और शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में सार्थक प्रयास है।