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रोटरी क्लब नाहन ने योग शिविर में तिरंगे का किया अपमान तिरंगे के इस्तेमाल पर रोटरी क्लब घिरा, प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल

Shailesh Saini • 48 Mins Ago • 1 Min Read

पक्का टैंक के दीर्घायु योग केंद्र में 10 से 13 अगस्त तक निशुल्क योग शिविर, सामने आई तस्वीर ने खड़े किए राष्ट्रध्वज की गरिमा पर गंभीर सवाल

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

राष्ट्रध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसके सम्मान और गरिमा को लेकर सरकार और प्रशासन समय-समय पर लोगों को जागरूक करते हैं। लेकिन नाहन के पक्का टैंक स्थित दीर्घायु योग केंद्र में रोटरी क्लब द्वारा आयोजित किए जा रहे निशुल्क योग शिविर की सामने आई तस्वीर ने रोटरी क्लब के साथ-साथ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

10 से 13 अगस्त तक आयोजित इस योग शिविर में सामने आई तस्वीर में राष्ट्रीय ध्वज को मेज के आगे कपड़े की तरह लटकाकर इस्तेमाल किया गया दिखाई दे रहा है। यह दृश्य देखकर सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर कार्यक्रम के आयोजकों ने राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का ध्यान क्यों नहीं रखा?

रोटरी क्लब से सवाल—क्या संस्था के जिम्मेदार पदाधिकारियों को नियमों की जानकारी नहीं?

रोटरी क्लब जैसी प्रतिष्ठित और शिक्षित सामाजिक संस्था से आम तौर पर समाज को जिम्मेदारी, अनुशासन और जागरूकता का संदेश देने की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में उसके कार्यक्रम में तिरंगे की इस तरह प्रस्तुति “दूसरों को नसीहत, खुद फजीहत” वाली स्थिति पैदा कर रही है।

क्लब के अध्यक्ष संदीप शर्मा हैं। अब उनसे यह सवाल पूछा जा रहा है कि कार्यक्रम की तैयारियों और आयोजन के दौरान क्या किसी जिम्मेदार पदाधिकारी की नजर इस पर नहीं पड़ी?

प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल, आखिर कार्रवाई कौन करेगा?

सबसे बड़ा सवाल जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी खड़ा होता है। यदि किसी आम व्यक्ति से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में मामूली चूक हो जाए तो नियम-कायदे और कानून की दुहाई दी जाती है, लेकिन जब यही सवाल एक प्रतिष्ठित संस्था के सार्वजनिक कार्यक्रम से जुड़ता है तो प्रशासन की निगाह क्यों नहीं पड़ती?क्या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया? क्या आयोजकों को राष्ट्रध्वज के इस्तेमाल से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई थी? और तस्वीर सामने आने के बाद क्या प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर आयोजकों से जवाब मांगेगा?यह केवल एक कपड़े का सवाल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्रतीक की गरिमा से जुड़ा संवेदनशील मामला है। प्रशासन को चाहिए कि तस्वीर का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच करे और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदारी तय करते हुए उचित कार्रवाई करे।अब निगाहें रोटरी क्लब और प्रशासन दोनों के जवाब पर हैं।

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