ऊना जिले में लता मंगेशकर कला केंद्र के रखरखाव और दीर्घकालिक प्रबंधन को लेकर उपायुक्त जतिन लाल की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इसमें आय सृजन और बेहतर संचालन के लिए समिति गठित की गई।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
समिति का गठन और उद्देश्य
ऊना पारंपरिक संस्कृति संवर्द्धन समिति (ऊना कला मंच) की बैठक गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय ऊना में हुई। इसमें समूरकलां स्थित लता मंगेशकर कला केंद्र के रखरखाव और भविष्य की दिशा को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने इसके प्रबंधन और संचालन के लिए आउटसोर्सिंग सहित सभी संभावित विकल्पों पर विचार करने पर जोर दिया। इसी क्रम में उन्होंने समिति के गठन के निर्देश दिए।
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समिति में शामिल सदस्य
नई समिति में पांच सदस्य रखे गए हैं। इसमें अतिरिक्त उपायुक्त ऊना, एसडीएम ऊना, क्रेडिट प्लानिंग अधिकारी और लोक निर्माण विभाग ऊना के अधिशासी अभियंता सदस्य होंगे। जिला भाषा अधिकारी ऊना को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। यह समिति सभी विकल्पों का अध्ययन कर सिफारिशों सहित विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त को प्रस्तुत करेगी।
कला केंद्र का महत्व
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना जिले का एक प्रमुख सांस्कृतिक स्थल है। इसके सशक्त और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाना समय की मांग है। बैठक में जिला भाषा अधिकारी निकू राम सहित समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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