लाल किले पर हमले के दोषी को मिलकर रहेगी सजा-ए-मौत, याचिका खारिज
लाल किले पर 22 दिसंबर 2000 में हुए हमले मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने हमले में दोषी करार दिए गए आतंकी आरिफ की फांसी की सजा बरकरार रखी है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी की याचिका खारिज कर दी है।
दरअसल, आरिफ ने सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर कर अपनी सजा माफ करने की मांग की थी। दोषी का कहना था कि वह उम्र कैद के बराबर अब तक सजा काट चुका है। लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उसकी फांसी की सजा को बरकरार रखा है।
क्या है मामला ?
22 दिसंबर 2000 में दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसमें हमले में सेना के दो जवानों समेत तीन लोग मारे गए थे। आरिफ इसी मामले में पकड़ा गया मुख्य आरोपी है।
तब से वह दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। बाद में आरिफ को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन आरिफ ने सुप्रीम कोर्ट में फांसी पर रोक लगाने की याचिका दायर की थी।