लोकसभा में सुरेश कश्यप ने उठाया एससी छात्रवृत्ति का मुद्दा, केंद्र ने दिए हिमाचल समेत राज्यों के आंकड़े
डीबीटी के जरिए सीधे खातों में पहुंच रही छात्रवृत्ति, शिमला जिले के हजारों विद्यार्थियों को मिला लाभ
हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन
शिमला संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए संचालित पोस्ट मैट्रिक और प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से देश, राज्य, जिला तथा शिमला संसदीय क्षेत्र के लाभार्थियों, स्वीकृत छात्रवृत्तियों और निधि आवंटन से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी।
सांसद के प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बताया कि केंद्र सरकार अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक एवं प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित कर रही है।
इन योजनाओं की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो रहा है।मंत्री ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में सामान्य राज्यों के लिए केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में वित्तीय भागीदारी होती है, जबकि हिमाचल प्रदेश सहित विशेष श्रेणी के राज्यों में प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए 90:10 का प्रावधान लागू है।
आवेदन से लेकर सत्यापन, स्वीकृति और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाती है।लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार शिमला जिले में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 2,668, वर्ष 2023-24 में 2,668, वर्ष 2024-25 में 2,870 तथा वर्ष 2025-26 में 2,856 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला।
वहीं प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 2,104, वर्ष 2023-24 में 2,104, वर्ष 2024-25 में 2,539 तथा वर्ष 2025-26 में 2,049 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया।सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छात्रवृत्ति योजनाओं को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाया गया है, जिससे पात्र विद्यार्थियों तक सहायता समयबद्ध ढंग से पहुंच रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं का लाभ भविष्य में भी हिमाचल प्रदेश, विशेषकर शिमला संसदीय क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को मिलता रहेगा।