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लोगों का रोजगार छीनने वाले कथित समाजसेवी कर रहे हैं वैली आयरन का विरोध- पूर्व प्रधान

PARUL • 16 Oct 2023 • 1 Min Read

शिलाई, हरियाणा और कोलर से आकर स्थानीय लोगों को भड़काने का लगा आरोप

HNN/नाहन

प्रदूषण का समाधान किया जा सकता है मगर फैक्ट्री पर दबाव बनाकर लोगों का रोजगार छीनने का षड्यंत्र कामयाब नहीं होने देंगे। यह बात पूर्व प्रधान रहे मलकीत सिंह व क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों ने कही है। मलकीत सिंह रतनलाल हेमराज नरेंद्र बशाखू आदि का कहना है कि कुछ स्वयंभू अवसरवादी समाज सेवकों के द्वारा स्थानीय लोगों को भड़काकर अपना उल्लू सीधा किया जा रहा है। इन लोगों का कहना है कि वैली आयरन फैक्ट्री की वजह से सैकड़ो स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार मिला हुआ है।

इन लोगों का कहना है कि इस फैक्ट्री के अलावा यहां कोई और किसी भी तरह का रोजगार का जरिया या साधन नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लोहे की फैक्ट्री में प्रदूषण होता है मगर इसका यह मतलब नहीं की फैक्ट्री को बंद करने के लिए अनुचित दबाव बनाया जाए। इन लोगों का मानना है कि जो फैक्ट्री से धुआं वगैरा निकलता है उसका कोई उचित समाधान किया जाना चाहिए।

लोगों का तो यह भी कहना है कि कालाअंब पांवटा साहिब जहां पर भी लोहा उद्योग लगे हैं वहां पर फर्निश भट्टी को शुरू करने के दौरान धुआं चिमनी के अलावा बाहर निकल जाता है। मगर यह धुआं कुछ ही देर के लिए होता है। वहीं फैक्ट्री में प्रदूषण को लेकर विरोध कर रहे कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने यह भी माना कि फैक्ट्री प्रबंधन के द्वारा लोहा प्राप्त करने के लिए बिजली की तारों पर लगे प्लास्टिक को जलाया जाता है जिसके कारण काफी बदबू आती है।

वहीं फैक्ट्री प्रबंधन सूत्रों का कहना है कि काफी अरसा पहले प्लास्टिक जलाई जाती थी मगर बीते दो-तीन सालों से फैक्ट्री के द्वारा प्लास्टिक वाली तार खरीदी ही नहीं जाती है। वहीं हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि इस फैक्ट्री पर प्रदूषण के आरोप लगाने वालों में शिलाई क्षेत्र से संबंध रखने वाले नाथूराम, हरियाणा के जो कि अब धौला कुआं में सेटल हो रखे हैं शमशेर रमणीक आदि जिनका इस फैक्ट्री से कई किलोमीटर दूर तक कोई नाता या संबंध नहीं है वे लोग यहां पर आकर विरोध कर रहे हैं।

नाहन पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि कुछ बाहरी सामाजिक तत्व बेवजह लोगों को भड़काकर यहां के लोगों की रोजी-रोटी छीनना चाहते हैं। इन लोगों का कहना है कि प्रशासन को चाहिए ऐसे लोगों की जांच की जाए और उन पर उचित कार्यवाही भी की जाए। इन लोगों का कहना है कि यदि प्रदूषण से परेशानी हो रही है तो उसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यवाही करने के लिए सरकार के द्वारा नियुक्त किया गया है।

इन लोगों का कहना है कि स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से एक जांच कमेटी बनाई जानी चाहिए जिसमें यह स्पष्ट हो सके कि क्या वास्तव में बिना पॉल्यूशन ट्रीटमेंट प्लांट के यह फैक्ट्री चल रही है। फैक्ट्री के लोगों के रोजगार के पक्ष में उतरे स्थानीय ग्रामीणों ने यहां तक भी कह दिया है कि यदि इन बेवजह विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह उनके खिलाफ मोर्चा खोलने से भी परहेज नहीं करेंगे।