विमल नेगी मौत मामला : CBI टीम नहीं पहुंची शिमला, पेन ड्राइव छुपाने का आरोप झेल रहे एएसआई पर केस दर्ज

शिमला

हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के चलते सीबीआई जांच टली, पुलिस की कार्रवाई तेज

CBI जांच में रोक, पुलिस ने उठाया कानूनी कदम
हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमयी मौत के मामले में सीबीआई की जांच फिलहाल थमती नजर आ रही है। शिमला पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी की ओर से हाईकोर्ट के एकल पीठ के आदेश को डबल बेंच में चुनौती देने की सूचना के बाद रविवार को सीबीआई की टीमें शिमला नहीं पहुंचीं। सीबीआई अब इस मुद्दे पर कानूनी सलाह ले रही है और जल्द ही हाईकोर्ट में रिकॉर्ड न मिलने पर अर्जी दाखिल कर सकती है।

पेन ड्राइव से छेड़छाड़ का आरोप, एएसआई पर केस दर्ज
इस मामले में निलंबित एएसआई पंकज को अब साक्ष्य छिपाने और छेड़छाड़ के आरोप में औपचारिक रूप से आरोपी बना दिया गया है। फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट में पेन ड्राइव से डाटा डिलीट होने की पुष्टि के बाद एएसआई पंकज पर धारा 241 के तहत केस दर्ज किया गया है। यह पेन ड्राइव केस से जुड़े अहम साक्ष्यों में से एक मानी जा रही थी।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, जवान तैनात
विवाद के केंद्र में आए निलंबित एएसआई पंकज की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर है। उपतहसील भराड़ी के गांव स्थित उनके घर पर अब सशस्त्र जवानों की तैनाती कर दी गई है। कोर्ट के निर्देश पर आईजी दक्षिण रेंज और एसपी शिमला ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके और न्याय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

डबल बेंच में एलपीए दाखिल करने की तैयारी
एसपी शिमला संजीव गांधी ने रविवार को महाधिवक्ता अनूप रतन से मुलाकात कर कानूनी पहलुओं पर चर्चा की। अब सोमवार को वह हाईकोर्ट में एलपीए दाखिल कर सकते हैं। पुलिस का कहना है कि विमल नेगी की मौत बिलासपुर में हुई थी और यह क्षेत्राधिकार शिमला पुलिस के अधीन नहीं आता। साथ ही पेन ड्राइव शिमला की एसआईटी ने बरामद की थी, जबकि एएसआई पंकज डीजीपी की गठित एसआईटी का हिस्सा था।