नेपाल सीमा से मुख्य सप्लायर दबोचा, ग्रामीण इलाकों में फैला था नेटवर्क
शिमला
11 दिन में छह आरोपी गिरफ्तार, पंजाब से हो रही थी सप्लाई
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जिला शिमला के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय युवाओं के माध्यम से चिट्टे का कारोबार चला रहे पंजाब आधारित गिरोह का शिमला पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। महज 11 दिनों के भीतर पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें चार शिमला जिले और दो पंजाब के निवासी हैं।
पुलिस ने 2 फरवरी को रोहड़ू के मेंहदली पुल के पास दो युवकों जश्नदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह को 83 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पंजाब से मादक पदार्थ लाकर जिला शिमला में इसकी सप्लाई कर रहे थे।
डिजिटल साक्ष्यों से खुला नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल डेटा और बैंक खातों की जांच की, जिससे गिरोह के व्यापक नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में स्थानीय युवाओं की संलिप्तता सामने आई। 10 फरवरी को रोहड़ू पुलिस ने आशीष चौहान (24), नवीन शेट्टा (31) और दीवान चंद (39) को गिरफ्तार किया। तीनों चिढ़गांव क्षेत्र के निवासी हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि चिढ़गांव के सुंदा गांव निवासी विजेंद्र मेहता उर्फ छोटू इस क्षेत्र में चिट्टे की तस्करी का संचालन कर रहा था। वह पंजाब निवासी जश्नदीप सिंह से चिट्टा खरीदकर रोहड़ू और चिढ़गांव क्षेत्र में सप्लाई करता था। बताया जा रहा है कि उसने 1 फरवरी को भी 37 ग्राम चिट्टा खरीदा था।
नेपाल भागा आरोपी, संयुक्त अभियान में गिरफ्तारी
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने बताया कि विजेंद्र के नाम का खुलासा होने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह शिमला से फरार होकर नेपाल चला गया था।
13 फरवरी को रोहड़ू पुलिस की टीम ने उत्तराखंड और नेपाल पुलिस के सहयोग से 48 घंटे का संयुक्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान आरोपी को नेपाल सीमा के बनवासा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
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