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शिमला में भूस्खलन से जनहानि, जुन्गा और कोटखाई में दो घर ढहे

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Sep 2025 • 1 Min Read

लगातार बारिश से हिमाचल की राजधानी शिमला और आसपास के इलाकों में भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई। हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई मवेशी भी दबकर मारे गए।

शिमला

जुन्गा में पिता-पुत्री की मौत
जुन्गा तहसील के पटवार सर्कल डबलू के उप मोहाल जोत में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। हादसे में वीरेंद्र कुमार (35) और उनकी 10 वर्षीय बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में मवेशी भी दबकर मारे गए। हादसे के समय वीरेंद्र की पत्नी घर के बाहर थीं, जिससे उनकी जान बच गई।

कोटखाई में मकान ढहने से बुजुर्ग महिला की मौत
उधर, कोटखाई के चोल गांव में भी भूस्खलन के कारण एक घर पूरी तरह ढह गया। मलबे में दबने से बुजुर्ग महिला कलावती (पत्नी बालम सिंह) की मौत हो गई।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा
लगातार 24 घंटे से हो रही भारी बारिश और बंद सड़कों के कारण राहत एवं बचाव अभियान बाधित हो रहा है। प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुँचकर मलबा हटाने और प्रभावित परिवारों की मदद में जुटे हुए हैं।