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श्रावण अष्टमी मेले के दौरान नयना देवी मंदिर में लाऊडस्पीकर और ढोल-नगाड़ों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 17 Jul 2025 • 1 Min Read

श्रावण अष्टमी मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नयना देवी मंदिर परिसर में लाऊडस्पीकर, ढोल-नगाड़े और प्रसाद सामग्री के कुछ साधनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश 25 जुलाई से 3 अगस्त तक प्रभावी रहेंगे।

बिलासपुर

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए जिला दंडाधिकारी ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश

कानून व्यवस्था के मद्देनजर लिया गया निर्णय
जिला दंडाधिकारी राहुल कुमार ने श्रावण अष्टमी मेले के दृष्टिगत श्री नयना देवी मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 25 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक लागू रहेंगे।

ध्वनि उपकरणों पर रहेगा सख्त प्रतिबंध
मेला अवधि में लाऊडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैण्ड-बाजे और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित रहेगा। किसी भी सार्वजनिक घोषणा या संदेश के लिए केवल कंट्रोल रूम का माध्यम ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।

प्रसाद सामग्री के कुछ साधनों पर भी रोक
श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हलवा, नारियल चढ़ाने और प्रसाद के लिए बांस की टोकरी के प्रयोग पर भी रोक लगाई गई है। यह कदम मंदिर परिसर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया गया है।

प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले के दौरान इन नियमों का पालन करें और मंदिर परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करें।