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श्रीखंड महादेव यात्रा के लिए चुकानी होगी इतनी पंजीकरण फीस ,ये हैं हिदायतें….

Ankita • 25 Jun 2023 • 1 Min Read

HNN/ कुल्लू

इस बार आगामी 7 जुलाई से शुरू होने वाली श्रीखंड महादेव यात्रा के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य हो गया है साथ ही यात्रियों को फिटनेस चेक की प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। यात्रियों को पंजीकरण के लिए 250 रुपये का शुल्क चुकाना होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया पहले बेस कैंप सिंघगाड में पूरी की जाएगी। यहां रोजाना सुबह 5 से शाम 7 बजे तक श्रद्धालुओं के ऑनलाइन पंजीकरण के साथ फिटनेस जांचा जाएगा। यहां से शाम 4 बजे तक ही श्रद्धालुओं का जत्था यात्रा के लिए रवाना किया जाएगा। शाम चार बजे के बाद किसी भी श्रद्धालु को सिंघगाड से जाने की अनुमति नहीं होगी। फिटनेस वाले श्रद्धालुओं को यहां से आगे यात्रा में भाग लेने की अनुमति होगी। सिंघगाड में सेक्टर मजिस्ट्रेट, डॉक्टर की टीम के साथ 40 कर्मचारी तैनात रहेंगे।

दूसरे बेसकैंप थाचडू में मेडिकल, रेस्क्यू दल, पुलिस, राजस्व, सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत करीब 20 लोग कर्मचारी तैनात रहेंगे। यहां पर आपात सेवाओं के अलावा श्रीखंड जा रहे सभी यात्रियों को चेक किया जाएगा। बिना पंजीकरण या चोरी छिपे जा रहे यात्रियों को वापस भेजा जाएगा। तीसरे बेसकैंप कुनशा में 20 कर्मचारियों की टीम तैनात होगी। यहां रेस्क्यू, कानून और आपात सेवाएं मिलेंगी। यहां से कर्मचारी मौसम अनुकूल होने पर ही श्रद्धालुओं को आगे भेजने या रोकने के निर्णय लेंगे। चौथा बेस कैंप भीमडवारी में भी 20 कर्मचारी तैनात रहेंगे। वे आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार रहेंगे।

पांचवां बेस कैंप पार्वतीबाग में करीब 30 कर्मचारी तैनात होंगे। इसमें पहली बार अटल बिहारी पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान मनाली रेस्क्यू टीम के 16 ,पुलिस के चार जवान, डॉक्टरों की टीम और सेक्टर मजिस्ट्रेट शामिल रहेंगे। पार्वतीबाग से ऊपर कोई भी श्रद्धालु दोपहर 12 बजे के बाद यात्रा नहीं कर सकेगा। इस बार रास्तों में ज्यादा ग्लेशियर हैं। प्रशासन की टीम निर्धारित यात्रा से पहले तैनात नहीं रहेगी इसलिए कोई भी जान को जोखिम में डालकर शेड्यूल से पहले या बाद में यात्रा न करे।

श्रद्धालुओं को संकरे रास्ते से बर्फ के ग्लेशियरों को भी पार करना होता है। यात्रा में ऊंचाई वाले कई ऐसे स्थान आते हैं जहां ऑक्सीजन बेहद कम है। इससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि किसी श्रद्धालु को ट्रैकिंग करते समय सांस लेने में कठिनाई ,उलटी ,सर दर्द या आँखों के सामने धुंधलापन जैसे कोई लक्षण दिखाई दे तो वह तुरंत आराम करे और नीचे बेसकैंप में जाकर चिकित्स्क से परामर्श लें। यात्री अपने साथ एक पक्का डंडा ,टॉर्च ,सूखे मेवे ,ग्लूकोस व गर्म कपड़े जरूर रखें।