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श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मिलता है मोक्ष: आचार्य शिवकुमार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 9 Feb 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

जहां नारी का सम्मान , वहां देवताओं का वास

श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सुनने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने कहा कि जहां भी श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हो, वहां जाकर इसे श्रवण करना चाहिए। यदि स्थान न मिले, तो दूर से भी कथा की आवाज सुनकर लाभ उठाया जा सकता है। इस संसार में सुख-दुख का अनुभव सभी को होता है, इसलिए धर्म और दान को अपनाना आवश्यक है। यही आपके जीवन में सार्थक सिद्ध होगा।

नारी सम्मान और गौ सेवा का महत्व

उन्होंने कहा कि अहंकार से हमेशा बचना चाहिए। नारी का सम्मान करना अनिवार्य है, क्योंकि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। इसी तरह, गायों का जीवन में विशेष महत्व है। गायों की सेवा करना, उनकी रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।

कलयुग में नाम स्मरण से दूर होते हैं कष्ट

भागवत कथा के दौरान आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने बताया कि कलयुग में ईश्वर के नाम का स्मरण करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। केवल कथा सुनने से ही नहीं, बल्कि उसमें दी गई शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने से कल्याण के मार्ग खुलते हैं।

कृष्ण अवतार और भागवत का संदेश

उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने अवतार के माध्यम से नैतिक शिक्षा और कर्तव्य पालन का संदेश दिया। परोपकार ही जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य होना चाहिए। अहंकार से मुक्त होने पर ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है, क्योंकि अहंकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता।

भागवत कथा में आकर्षक झांकियां और नृत्य नाटिका

कथा के दूसरे दिन कलाकारों ने आकर्षक झांकियों और नृत्य नाटिकाओं की प्रस्तुति दी। श्रद्धालु भक्तिभाव में डूबे नजर आए। आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने कहा कि भागवत के तीनों कालों का उल्लेख इसमें किया गया है। यह हर प्रश्न का उत्तर और हर समस्या का समाधान प्रदान करती है।

कथा आयोजन में सहयोग देने वाले श्रद्धालु

इस आयोजन में रिटायर्ड कर्नल तरसेम चंद राणा, डॉक्टर ओम प्रकाश, कृष्ण चंद शर्मा, अजय जसवाल, विवेक शर्मा, केवल कृष्ण शर्मा, मास्टर जगदीश, सुभाष ठाकुर, परमजीत सिंह, बख्तावर सिंह, पंकज ठाकुर, दिनेश ठाकुर और हवलदार राजीव सहित कई श्रद्धालुओं ने सहयोग दिया।