नशे की गिरफ्त में आए युवा का मार्गदर्शन कर करें देश की सेवा -डॉ शर्मा
अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस को प्रेरणा प्रद बनाते हुए श्री कृष्णा हॉस्पिटल अंबाला ने आज मुफ्त काउंसलिंग कैंप का आयोजन किया। आयोजित कैंप में ना केवल नशे की गिरफ्त में जकड़े युवाओं की काउंसलिंग की गई, बल्कि उनका उत्साहवर्धन करते हुए इलाज में भी मदद करने का आश्वासन दिया गया। आयोजित कैंप के बाद श्री कृष्णा हॉस्पिटल के सीएमडी वीके शर्मा के द्वारा सेंट्रल जेल के कैदियों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में बताते हुए जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति का दायित्व बनता है कि वह हर युवा को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में अवगत कराए।

उन्होंने कहा कि भोला भाला युवा इस अनजान दुश्मन से अपरिचित रहता है। डॉ शर्मा ने कहा कि बुरी संगति और गलत लोगों की दोस्ती में युवा एक बार नशे का स्वाद चख लेता है। जिसके बाद उसे नशे की लत लग जाती है। डॉ शर्मा ने अपील करते हुए कहा कि स्कूल-कॉलेज अथवा खेल के मैदान में बच्चे की हर गतिविधि पर अभिभावकों को जानकारी रखनी चाहिए। फिर भी यदि बच्चा इस दलदल में फंस जाता है तो उसका सही समय पर इलाज करवा उसकी काउंसलिंग भी करवाएं। डॉ शर्मा ने कहा कि आज नशे के कारण हमारा समाज खासकर देश का युवा बर्बादी की ओर जा रहा है।
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उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि हम सबको मिलजुल कर ऐसे भटके हुए युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक करना चाहिए। यही नहीं नशे की गिरफ्त में फंसे युवा से नफरत न करते हुए उसकी मदद भी करें। ऐसे युवा को हर प्रयास को अपनाते हुए उसका नशा छुड़ाने में मदद करनी चाहिए। सेंट्रल जेल में कैदियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नशे के अलग-अलग तरीकों के चलते युवा एक ही इंजेक्शन का नशे में इस्तेमाल करते हैं। जिसके कारण उन्हें एचआईवी पॉजिटिव होने का खतरा बना रहता है।
यही नहीं नशे के कारण काला पीलिया जैसी गंभीर बीमारियां भी मौत का बड़ा कारण बनती है। बताना जरूरी है कि श्री कृष्णा हॉस्पिटल जहां नशा छुड़ाने में बड़ा मददगार साबित हो रहा है वही इस अस्पताल में मानसिक रोगियों को बेहतर कॉन्सलिंग देने में यह अस्पताल उत्तर भारत में विशेष स्थान रखता है। अस्पताल प्रबंधन के द्वारा नशा मुक्ति केंद्र भी खोला गया है जहां हिमाचल, पंजाब, उत्तरांचल और हरियाणा के युवाओं को बेहतर इलाज मिल रहा है।
डॉ शर्मा का कहना है कि नशे की गिरफ्त में फंसा युवा लाचार होता है ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि उसके साथ बुरा व्यवहार बिल्कुल ना किया जाए, बल्कि एक अच्छे चिकित्सक के सानिध्य में बेहतर इलाज करवा उसे फिर से समाज की मुख्यधारा में शामिल करें। डॉ शर्मा ने कहा कि श्री कृष्णा अस्पताल में मरीजों की ऑनलाइन काउंसलिंग किए जाने की भी व्यवस्था है।
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