नई आबकारी नीति 2026-27 को कैबिनेट की मंजूरी, टोल बैरियर के लिए 173 करोड़ बेस प्राइस तय
हिमाचल नाऊ न्यूज़ – शिमला
हिमाचल प्रदेश में अब शराब ठेकों का आवंटन पूरी तरह ई-ऑक्शन प्रणाली से होगा। मंत्रिमंडल ने आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी देते हुए साफ कर दिया है कि न तो कैश चलेगा और न ही खुली बोली लगेगी।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। अब सभी ठेकों की ई-ऑक्शन एनआईसी पोर्टल के माध्यम से कराई जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
सरकार ने टोल बैरियर के लिए 173 करोड़ रुपये का बेस प्राइस तय किया है। टोल और आबकारी नीति 2026-27 दोनों को एक साथ मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने वेंडर पॉलिसी को भी स्वीकृति दी है।
सरकार का मानना है कि नई ई-ऑक्शन प्रणाली से राजस्व में बढ़ोतरी होगी और अवैध हस्तक्षेप व मनमानी पर रोक लगेगी।
बैठक के बाद मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्रियों ने कहा कि सरकार राजस्व सुदृढ़ीकरण और पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है।
सरकार का अनुमान है कि ई-नीलामी से शराब ठेकों के ठेकों की बिक्री से करीब 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा, जो पिछले वर्ष के आंकड़ों से बढ़कर है। इससे पहले टेंडर-आधारित या पारंपरिक आवंटन में छुपे वित्तीय अवसर पूरी तरह उपयोग नहीं हो पा रहे थे। इस कदम को वित्तीय मजबूती और नीति-आधारित निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।
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