पैसा लेकर भी कूड़ा नहीं उठा रही जेबीआर, नगर परिषद और पंचायतों में गंदगी के ढेर
HNN/ बद्दी
एक तरफ पूरे देश में स्वछता पखवाड़ा मनाया जा रहा है, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद सफाई अभियान को लीड कर रहे। फोन कॉल करने पर आवाज सुनाई दे रही के 1 अक्टूबर को देश स्वछता पखवाड़ा मना रहा है। लेकिन प्रदेश की आर्थिक राजधानी बीबीएन में गली, चौराहों, सड़कों पर लगे कूड़े के ढेर स्वच्छता पखवाड़े को मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे है।
कूड़े के ढेरों पर बसे एशिया के इस सबसे बड़े फार्मा हब और औद्योगिक क्षेत्र में घुलता गंदगी का जहर इस हब पर भी बदनुमा दाग लगाता नजर आ रहा है। बीबीएन की लगभग 40 पंचायतों व 2 नगर परिषदों की सफाई व्यवस्था का जिम्मा जेबीआर कंपनी के हबाले है। बीबीएनडीए द्वारा लाखों रुपये महीना देने के बाद भी बद्दी पर लगा गंदगी व कूड़े के ढेरों का बदनुमा दाग धुलता नज़र नहीं आ रहा।
बीबीएनडीए के अलावा नगर परिषद बद्दी भी जेबीआर को हर महीने सफाई के लिए मोटी रकम दे रही, वहीं रिहायशी कालोनियों, अपार्टमेंटों, मार्केट व निजी स्थानों से जेबीआर खुद सफाई के नाम पर पैसा वसूल कर रही है। लेकिन सफाई के नाम पर बसूली के बाबजूद भी अगर सफाई न हो तो लोगों के जहन में ये सवाल उठना तो लाज़मी है के लाखों रुपया जेबीआर की झोली में किस लिए डाला जा रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी के तहत प्लांखवाला के सुरेंद्र रघुवंशी जो एक बहुमंजिला भवन के मालिक हैं का कहना है के बीबीएनडीए के माध्यम से उन्होंने जेबीआर को कूड़ा उठाने के लिए हर महीने 6 हजार रुपये देने का करार किया था। कुछ महीने तो सब ठीक चलता रहा लेकिन बाद में कूड़ा उठाना तो दूर कूड़े के लिए रखा गया डंपर भी कहीं गायब हो गया।
पिछले महीने जेबीआर कंपनी का नुमाइंदा उन से पैसे तो ले गया लेकिन कूड़ा नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया के यहां 5 हजार की अवादी, 1 निजी स्कूल और आने जाने का रास्ता है जिसके किनारे लगा कूड़े का ढेर बीमारियों को न्यौता दे रहा है। कुछ महीने पहले नालागढ़ प्रशासन की बैठक का प्रतिनिधित्व कर रहे सीपीएस राम कुमार चौधरी ने जेबीआर के मालिक व प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई थी।
इतना ही नहीं सफाई व्यवस्था में सुधार न होने पर जेबीआर का सफाई टेंडर रद्द करने की बात भी कही गई थी। बाबजूद इसके जेबीआर की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। पिछले हफ्ते बीबीएनडीए कार्यालय में हुई एक बैठक में नगर परिषद बद्दी ने भी जेबीआर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। नगर परिषद चेयरमैन ने तो यहां तक कह दिया था के नप अपना कूड़ा खुद उठायेगी।
बावजूद इसके बीबीएनडीए के अधिकारी जेबीआर के पक्ष में दलीलें देते दिखे थे और कहा गया था के 2 महीने और देखा जाए। नगर परिषद बद्दी के 9 वार्डों, ग्राम पंचायत भटौलीकलां, ग्राम पंचायत बरोटीवाला, ग्राम पंचायत हरिपुर सन्डोली, ग्राम पंचायत मलपुर, किशनपुरा, गुलरवाला, ठाना, लोदीमाजरा समेत जेबीआर के दायरे में आने वाली लगभग सभी पंचायतों में सफाई व्यवस्था का जनाजा निकला हुआ है।
लोग गंदगी और कूड़े के ढेरों से परेशान हैं और बीमारियों के साये में रहने को मजबूर हैं। उधर, इस बाबत बीबीएनडीए के डिप्टी सीईओ नरेंद्र अहलूवालिया का कहना है के जेबीआर को सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जहां जहां से भी शिकायत आ रही है वहां जल्द सफाई करवाई जाएगी।

