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सरकारी गाड़ियां उधार तेल से चल रहीं, करोड़ों का बकाया

PARUL • 3 Sep 2024 • 1 Min Read

HNN/शिमला

हिमाचल प्रदेश में कई सरकारी विभाग उधार के डीजल और पेट्रोल पर चल रहे हैं। हिमफेड ने 15 दिन की उधारी निर्धारित की है, लेकिन अधिकांश महकमे बजट न होने की बात कहकर उधार की वसूली के लिए कई चक्कर कटवा रहे हैं। इस स्थिति में हिमफेड घाटे की हालत में है।

पुलिस महकमा ही नहीं बल्कि कई विभागों की सरकारी गाड़ियां उधार के तेल पर चल रही हैं। अफसरशाही की सरकारी गाड़ियों पर सवारी बरकरार है। कई वरिष्ठ अफसरों ने प्रदेश सचिवालय से लेकर दूसरे विभागों में एक की जगह कई गाड़ियों पर अनधिकृत कब्जा कर रखा है। इन गाड़ियों में उधार का तेल डलवाया जा रहा है।

हिमफेड खुद नकद पैसे देकर कंपनियों से तेल खरीद रहा है जबकि उसे विभागों को पेट्रोल और डीजल उधार देना पड़ रहा है। छोटा शिमला पेट्रोल पंप में ही 24 घंटे में औसतन चार से पांच हजार लीटर पेट्रोल और डीजल बिक जाता है। इसमें 70 से 80 फीसदी सरकारी महकमे तेल उधार में ले रहे हैं।

जिला शिमला चुनाव कार्यालय पर सबसे अधिक 50 लाख की उधारी है। कई बार भुगतान के लिए गुहार लगाई लेकिन पैसे नहीं मिले हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय भी बदहाली की दहलीज पर है। दो महीने बीत गए लेकिन तेल के 5 लाख 8 हजार नहीं चुका पा रहा है।