सुरेश कश्यप ने लोकसभा में उठाया किसानों का मुद्दा, केंद्र सरकार ने हिमाचल में कृषि संकट और सहायता योजनाओं पर दी जानकारी
Himachalnow / सिरमौर
लोकसभा में हिमाचल प्रदेश के किसानों की समस्याओं को उठाते हुए केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दी जा रही सहायता की जानकारी दी। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, फसल नुकसान की भरपाई और कृषि को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाने की बात कही।
सिरमौर
लोकसभा में उठाया गया मुद्दा
भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने हिमाचल प्रदेश में कृषि संकट और किसानों की स्थिति को लेकर लोकसभा में सवाल उठाया। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें राहत देने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदाओं से राहत देने में राज्य और केंद्र दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
कृषि संकट के कारण
सांसद ने जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, ओलावृष्टि और जंगली जानवरों के कारण फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। इन कारणों से किसानों की आय प्रभावित हो रही है और खेती करना कठिन होता जा रहा है। सरकार ने माना कि इन समस्याओं का असर किसानों पर पड़ रहा है और इससे निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
केंद्र और राज्य की भूमिका
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में राहत प्रदान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है। केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं और वित्तीय सहायता के माध्यम से सहयोग करती है। दोनों के समन्वय से किसानों को समय पर मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
फसल क्षेत्र और उत्पादन
सरकार के अनुसार शिमला संसदीय क्षेत्र में 2,06,563 हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है और 2,60,515 किसान इससे जुड़े हैं। यहां मक्का, गेहूं, धान, जौ, आलू और सब्जियां प्रमुख फसलें हैं। इन फसलों पर मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों का सीधा प्रभाव पड़ता है।
राहत और बीमा योजनाएं
प्राकृतिक आपदाओं से राहत के लिए NDRF और SDRF के तहत हिमाचल प्रदेश को करोड़ों रुपये की सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए ₹376 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है। इससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।
आर्थिक सहायता और योजनाएं
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को ₹373 करोड़ से अधिक की सहायता दी गई है। इसके अलावा अन्य कृषि योजनाओं के माध्यम से भी हजारों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। इन योजनाओं से किसानों को आर्थिक, तकनीकी और बाजार से जुड़ी सुविधाएं मिल रही हैं।