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सोने के आभूषणों के काले सच की दूसरी कड़ी

PARUL | 3 नवंबर 2023 at 3:16 pm

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नकली हॉलमार्क का भी चल रहा है खेल, मगर हम बता रहे हैं पहचान का असली तरीका

HNN/नाहन

त्योहारों के सीजन पर जहां लोग जमकर सोने और चांदी की खरीद करते हैं वहीं हिमाचल के कुछ कथित नामी ज्वेलर्स की इन दिनों पौ-बारहं भी हो रही है। विश्वसनीय सूत्रों की माने तो हमने पिछली कड़ी में बड़े खुलासे किए थे।

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तो वहीं इस कड़ी में हम एक ऐसा खुलासा करने जा रहे हैं जिनको पकड़ पाना आम आदमी के बस की बात नहीं है। यह खेल है केडीएम पाउडर का। सोने के आभूषण तैयार करते समय एक विशेष तरह के केमिकल और केडीएम का पाउडर सोने में मिला दिया जाता है। जिससे सोने का वजन बढ़ जाता है।

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अब आपको यहां यह भी बता दें कि यह केडीएम का पाउडर बड़े ही गुप्त तरीके से 500 से 5000 रुपए तोला तक मिलता है। जिसको सोने के पिघलाए जाने के दौरान मिलाया जाता है। यह मिलावटी सोना जल्दी से पकड़ में भी नहीं आता है।

अब आप खुद सोच सकते हैं कि बड़े-बड़े होल्डिंग, बड़े-बड़े अखबारों में विज्ञापन और विज्ञापनों में फ्रिज, टीवी, एलइडी, यहां तक की एप्पल के फोन तक के प्रलोभन खरीददार को दिए जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यह बड़े-बड़े इनामों की घोषणा करने वाले कथित आभूषण विक्रेता सोना तो मार्केट के हिसाब से ही बेचेंगे तो फिर यह कैसी ब्रांडिंग।

अब यदि सूत्रों की माने तो जिस हॉलमार्क एजेंसी से आभूषण विक्रेता द्वारा हॉलमार्क के निशान लगाए जाते हैं उसमें भी नकली का बड़ा धंधा चला हुआ है। हॉल मार्किंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (एचएफआई) इस पर पहले ही सरकार से पुराने लोगो को बैन करने की मांग कर चुकी है। क्योंकि फेक गोल्ड हॉल मार्किंग से एचएफआई पर भी उंगलियां उठती है। अब आप यहां यह भी जान लें कि हॉल मार्किंग संकेत की संख्या तीन कर दी गई है।

पहला संकेत बीआईएस हॉल मार्किंग का होता है। यह एक त्रिकोना निशान होता है। दूसरा निशान शुद्धता को लेकर होता है जिसमें यह दर्ज होता है कि सोना कितने कैरेट का है। तीसरा संकेत अल्फा न्यूमैरिक कोड होता है। जिसे एचयूआईडी कहा जाता है यानी हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिटी।

इसमें एक ही एचयूआईडी नंबर की दो या दो से अधिक ज्वैलरियां हो ही नहीं सकती। इसकी जांच के लिए बीआईएस केयर एप्प भी बनाई गई है। जिसमें आप अपनी आइडेंटिटी डालकर लगाए गए हॉलमार्क को स्कैन कर उसे प्रमाणित कर सकते हैं।

अब यहां भी सूत्र बताता है कि कुछ सुनारों के द्वारा फेक ऐप तैयार कराई गई है जिसमें ग्राहक को डाले गए फर्जी हॉलमार्क कोड को स्कैन कर असली और शुद्ध सोने का मैसेज दिखाया जाता है। ऐसे में खरीदार स्वयं समझदार कहावत के तहत अपने विवेक से सोच सकता है कि बड़े-बड़े प्रलोभन देने वाला और मुफ्त इनाम देने वाला कथित गोल्ड स्मिथ आपको कैसा सोना बेच रहा होगा।

एक बात यह भी तय है कि जो व्यक्ति नया आभूषण खरीद रहा है वह नए आभूषणों को गला कर शुद्ध सोने की मात्रा जानने के लिए कोशिश नहीं करेगा। लिहाजा कुछ बड़ी विश्वसनीयता वाली कंपनियां भी है जिनमें तनिष्क का नाम भी शामिल है। जहां पर पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ सोना बेचा और खरीदा जाता है।

जानकारी तो यह भी है कि नाहन के एक आभूषण व्यवसाय को कर भुगतान में डेढ़ करोड़ रुपए का नोटिस भी जारी किया गया है। अब अगली कड़ी में हम आपको और गहरी जानकारी देने की कोशिश करेंगे। जारी तीसरी कड़ी—-

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