सोलन
रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी ने पारित किया विरोध प्रस्ताव, कहा – सांस लेने तक की जगह नहीं बचेगी
ग्रीन एरिया में फ्लैट्स निर्माण का किया विरोध
रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी, हाउसिंग कॉलोनी फेज-1 वार्ड-14 ने कॉलोनी के ग्रीन एरिया में हिमुडा द्वारा नए आवासीय ब्लॉक बनाने की योजना का तीखा विरोध जताया है। सोसाइटी ने प्रधान मोहन चौहान की अध्यक्षता में बैठक कर सर्वसम्मति से विरोध प्रस्ताव पारित किया। बैठक में वार्ड पार्षद व पूर्व डिप्टी मेयर राजीव कौड़ा भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
कोर्ट और एनजीटी का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी
बैठक में निर्णय लिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर हिमुडा की इस योजना के खिलाफ हाईकोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में याचिका दायर की जाएगी। सोसाइटी ने स्पष्ट किया कि कॉलोनी के इकलौते हरित क्षेत्र में एक भी पौधे को काटने नहीं दिया जाएगा।
सुविधाओं का अभाव और बढ़ती आबादी से संकट
सोसाइटी के प्रधान ने बताया कि सपरून स्थित यह कॉलोनी राज्य की पहली आवासीय कॉलोनी है, जहां 200 से अधिक परिवार रह रहे हैं। लेकिन कॉलोनी में पहले से ही पानी, पार्किंग, पार्क और स्कूल जैसी सुविधाओं का अभाव है। सप्ताह में एक बार पानी की सप्लाई और सड़कों पर खड़ी गाड़ियों के कारण एम्बुलेंस तक नहीं निकल पाती। ग्रीन एरिया में निर्माण से हालात और बिगड़ जाएंगे।
पिछले निर्माण से हुआ नुकसान, कोई सुधार नहीं
सदस्यों ने बताया कि हिमुडा पहले ही दो ब्लॉकों का निर्माण कर चुका है, जिसके दौरान भारी मालवाहक वाहनों से सड़कों और सीवरेज को नुकसान पहुंचा। एक साल से सड़कों पर निर्माण सामग्री पड़ी रही जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। सोसाइटी का आरोप है कि कॉलोनी के प्रारंभिक प्लान में जिन सुविधाओं का वादा किया गया था, वे आज तक पूरी नहीं हुईं।
स्थानीय लोगों का पुराना विरोध फिर तेज
प्रस्तावित ग्रीन एरिया पूर्व में डंपिंग साइट था और अब सिंकिंग ज़ोन में तब्दील हो चुका है, जिसके चलते वहां निर्माण करना पर्यावरणीय और तकनीकी रूप से भी अनुचित है। स्थानीय लोग पिछले 15 वर्षों से इसका लगातार विरोध कर रहे हैं।

