सौतेले बाप पर नाबालिग ने लगाए गंभीर आरोप
माननीय अदालत ने मेडिकल कॉलेज जा कर दर्ज किए 164 के बयान
HNN/ नाहन
नाहन महिला थाना के अंतर्गत दर्ज मामले के तहत नाबालिग के माननीय अदालत जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा 164 के बयान दर्ज किए गए। पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला राजगढ़ क्षेत्र की एक महिला की नाबालिग बेटी का बताया जा रहा है। नाबालिग अपनी मां के साथ नाहन में किराए के मकान पर रहते थे।
नाबालिग लड़की ने अपने सौतेले बाप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि लड़की की मानसिक हालत भी ठीक नहीं है। लगाए गए आरोपों के तहत लड़की की मां के द्वारा नाहन महिला थाना में शिकायत दी गई थी। जिसके बाद माननीय अदालत के द्वारा परिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उसे सोलन के बाल आश्रम में भेज दिया गया था।
वहां कुछ दिनों रहने के बाद लड़की की मां उसे फिर से नाहन ले आई। नाबालिग नाहन के ही स्कूल में पढ़ती थी। किन्ही कारणों के चलते नाबालिग को फिर से नाहन के वन स्टॉप केंद्र में भेज दिया गया था। जहां करीब पांच 7 दिन पूर्व नाबालिग के द्वारा हाथ की नसें काट कर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया गया। नाबालिग मोबाइल पर भी कोई गेम खेलती है जिसका प्रभाव उसके दिमाग पर भी पड़ा हुआ बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नाबालिग जब नाहन अपनी मां के साथ रह रही थी तो वह घर से भी चली गई थी। लड़की की मां के द्वारा इसकी सूचना महिला थाना में दी गई थी। जिसके बाद मामला एक बार फिर महिला थाना के पास आया। माननीय अदालत में महिला थाना के द्वारा पेश किए गए चालान के तहत माननीय ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के द्वारा 12 मई शुक्रवार को नाहन मेडिकल कॉलेज में जाकर 164 के बयान दर्ज किए गए।
नाबालिग के द्वारा दिए गए बयान गोपनीय रखे गए हैं। जानकारी तो यह भी है कि पुलिस के द्वारा सीडब्ल्यूसी में सूचना दी गई थी। नाबालिग ने सीडब्ल्यूसी में अपने बयान में यह स्पष्ट रूप से कहा था कि वह अपनी मां के साथ तब तक नहीं रह सकती जब तक उसका सौतेला बाप घर में आता है।
बरहाल मामला अब माननीय अदालत के संज्ञान में है। देखना यह होगा कि नाबालिग को अब कहां सुरक्षित रूप से रखा जाएगा। उधर, महिला थाना प्रभारी जयपाल सिंह ने बताया कि माननीय अदालत के द्वारा नाबालिग के 164 के बयान गोपनीय रूप से दर्ज किए गए हैं।