हल्की बारिश और तेज हवाओं से सिरमौर में फसल को नुकसान, जौं-गेहूं भीगे, लहसुन पर असर
Himachalnow / नाहन
जिला सिरमौर में हुई हल्की बारिश और हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में कटी जौं और गेहूं की फसल भीगने से नुकसान की आशंका है। वहीं लहसुन की फसल पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिल रहा है।
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जिला सिरमौर में मंगलवार को हुई हल्की बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। दिनभर रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी के चलते खेतों में कटी पड़ी जौं और गेहूं की फसल भीग गई, जिससे उनके खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
इस समय जिले में लहसुन की खुदाई का काम भी तेज़ी से चल रहा है, लेकिन बारिश ने इसमें भी बाधा डाल दी है। किसानों के अनुसार इस समय की बारिश लहसुन की फसल के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होती है। गीला होने पर लहसुन की कलियां अलग-अलग हो जाती हैं, जिससे उसकी गुणवत्ता गिरती है और बाजार में कीमत 50 से 70 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
बाजार की बात करें तो इन दिनों दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसी बड़ी मंडियों में लहसुन 50 से 100 रुपये प्रति किलो तक अलग-अलग श्रेणियों में बिक रहा है, लेकिन बारिश के कारण स्थानीय किसानों को इसका पूरा लाभ मिलने पर संशय है।
बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों के लिए यह राहत चिंता में बदल गई। दिनभर किसान अपनी फसल को बचाने के लिए खेतों में डटे रहे और कई जगहों पर तिरपाल से जौं, गेहूं और लहसुन को ढकते नजर आए।
मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने की चेतावनी के बाद किसानों की चिंता और बढ़ गई है। छह महीने की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में नुकसान की आशंका गहराने लगी है।