हिमाचल की पर्वतारोही बलजीत कौर का निधन
अन्नपूर्णा चोटी से उतरने के दौरान पेश आया हादसा
HNN/ सोलन
हिमाचल की माउंटेन गर्ल सोलन के ममलीग की रहने वाली बलजीत कौर का नेपाल में आठ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित अन्नपूर्णा-01 पीक पर ऑक्सीजन की कमी के कारण निधन हो गया है। हालाँकि अभी तक बलजीत कौर का शव नहीं मिला है। कैंप के आयोजकों ने बलजीत कौर के शव को ढूंढने के लिए तीन हेलीकॉप्टर भेजे हैं।
जानकारी के अनुसार बलजीत कौर चोटी फतह करने के बाद जब वापस नीचे की तरफ उतर रही थी, उस समय वे लापता हो गई। बलजीत कौर कैंप-4 से लापता हो गई थी। उन्होंने बिना सप्लीमेंट ऑक्सीजन को इस्तेमाल किए ही चोटी फतह कर ली थी।
गौरतलब है कि हाल ही में 23 जनवरी को बलजीत कौर हिमाचल प्रदेश के खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह से आर्थिक सहायता को लेकर मिली थी। इस दौरान बलजीत कौर ने कहा था कि वे आठ हजार मीटर की चाय वाली अन्नपूर्णा चोटी को बिना ऑक्सीजन फतेह करना चाहती है। बलजीत अपने इस लक्ष्य में कामयाब भी हो गई थी, लेकिन वापस लौटते समय यह हादसा पेश आया।
सोलन जिला प्रशासन को फिलहाल इस घटना की जानकारी नहीं है। बता दें 19 साल की छोटी-सी उम्र में बलजीत कौर ने मनाली के देओ टिब्बा को फतह कर अपने करियर की शुरुआत की थी। कौर “माउंट पुमोरी” को फतह करने वाली भारत की पहली महिला बनी थीं। इसके अलावा बलजीत कौर ने 30 दिन के अंतराल में लगातार 8-8 हजार मीटर की ऊंचाई वाली पांच चोटियों को फतह कर दिखाया था।
इनमें अन्नपूर्णा, कंचनजंगा, एवरेस्ट, लोतसे और मकालु चोटी शामिल थी। कौर के निधन से परिवार सहित समूचे हिमाचल में कोहराम मच गया है। बलजीत के पिता एचआरटीसी ड्राइवर रिटायर है। जबकि मां गृहिणी हैं। कौर को अपने माता-पिता का माउंटेनियरिंग में आगे बढ़ने के लिए पूरा सहयोग मिलता था। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने एक पोस्ट में माउंटेन गर्ल के निधन पर शोक प्रकट किया है।