हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड में इस बार सिरमौर को मिल सकता है प्रतिनिधित्व

Himachal Pradesh Waqf Board

HNN / नाहन

सरकार की ओर से राजस्व विभाग के द्वारा प्रदेश वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया गया है। सरकार के बदलते ही वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर कदमताल शुरू हो चुकी है। राजस्व विभाग के द्वारा फिलहाल वक्फ बोर्ड के लगभग सभी पदाधिकारियों को हटा दिया गया है। बता दें कि जयराम सरकार के कार्यकाल में मोहम्मद राजबली को वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। राजबली पूर्व मुख्यमंत्री के गृह जिले से ताल्लुक रखते थे।

यहां यह भी बताना जरूरी है कि प्रदेश में जातीय समीकरणों के आधार पर अल्पसंख्यक वर्ग बहुल क्षेत्र से अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए था। बावजूद इसके चंबा, कांगड़ा और सिरमौर को अनदेखा किया गया था। यही बड़ी वजह भी रही कि सिरमौर में अल्पसंख्यक वर्ग भाजपा के लिए फायदेमंद साबित नहीं हुआ। वही, कांग्रेस अल्पसंख्यक वर्ग के साथ एक बेहतर तालमेल आगे भी बनाए रखने को लेकर इस बार सिरमौर को वक्फ बोर्ड की कमान सौंप सकती है।

सिरमौर से मोहम्मद इकबाल, नसीम मोहम्मद, दीदान नासिर, रावत, शुक्र दीन ऐसे कुछ खास चेहरे हैं जिन पर चर्चा की जा सकती है। यहां इकबाल मोहम्मद नाहन से टिकट की दौड़ में भी शामिल रहे हैं। टिकट ना मिलने के बावजूद भी इस बार इकबाल मोहम्मद पार्टी के साथ जुड़े हुए रहे। इसी प्रकार मिश्रवाला वार्ड इस बार भाजपा के दिग्गज चेहरे को हराने में डिसाइडिंग फैक्टर रहा है।

लिहाजा, मुख्यमंत्री के सबसे विश्वासपात्र और करीबी माने जाने वाले अजय सोलंकी के लिए फायदेमंद साबित होने वाली मिश्र वाला पंचायत को भी यह उपहार मिल सकता है। बरहाल, भारत जोड़ो यात्रा के बाद प्रदेश में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू तमाम बोर्ड निगम आदि के ऊपर एक बेहतर समन्वय बनाते हुए निष्ठावानों के प्रति ताजपोशियां कर सकती है।