हिमाचल में सरकारी जमीन की लीज 40 साल तक सीमित, शामलात भूमि पर मकान निर्माण को मिल सकती मंजूरी
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी भूमि की लीज अवधि को अधिकतम 40 वर्ष तक सीमित करने का निर्णय लिया है। साथ ही शामलात भूमि के उपयोग को लेकर नए प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं, जिन पर जनता से सुझाव मांगे गए हैं। सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर नियमों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है।
शिमला
सरकारी भूमि लीज नियमों में संशोधन
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी भूमि को पट्टे पर देने से संबंधित नियमों में संशोधन किया है। जारी अधिसूचना के अनुसार अब राज्य में किसी भी व्यक्ति या संस्था को सरकारी जमीन अधिकतम 40 वर्षों के लिए ही लीज पर दी जाएगी। इससे पहले अलग-अलग मामलों में अवधि को लेकर स्पष्ट सीमा निर्धारित नहीं थी, लेकिन अब इसे तय कर दिया गया है ताकि प्रक्रिया एकरूप हो सके और भूमि आवंटन से जुड़े मामलों में स्पष्टता बनी रहे।
हिमुडा के लिए अलग प्रावधान
नए संशोधन में हिमुडा को विशेष प्रावधान के तहत राहत दी गई है। सरकार ने यह व्यवस्था की है कि केवल हिमुडा के पक्ष में भूमि की लीज अवधि को 80 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। यह प्रावधान अन्य किसी व्यक्ति या संस्था पर लागू नहीं होगा। इस निर्णय का उद्देश्य आवासीय योजनाओं और संरचनात्मक विकास से जुड़े कार्यों में निरंतरता बनाए रखना है।
शामलात भूमि के उपयोग में प्रस्तावित बदलाव
राज्य सरकार ग्राम शामलात भूमि के उपयोग से जुड़े नियमों में भी संशोधन का प्रस्ताव लाई है। प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार अब शामलात (सांझी) भूमि का उपयोग निजी और गैर-वाणिज्यिक आवासीय मकानों के निर्माण के लिए किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि उपयोग के विकल्प बढ़ेंगे और आवास निर्माण से जुड़े मामलों में प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा सकेगा।
जनता से मांगे गए सुझाव और आपत्तियां
सरकार ने शामलात भूमि से जुड़े प्रस्तावित संशोधन पर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित किए हैं। इच्छुक व्यक्ति या संबंधित पक्ष 30 दिनों के भीतर अपने सुझाव अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व), हिमाचल प्रदेश सरकार, शिमला-2 के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा और उसके बाद ही अंतिम निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।