हिमालय में जलवायु परिवर्तन का बड़ा असर : पेड़ों की कई प्रजातियां हुई विलुप्त
HNN/शिमला
हिमालयी वन अनुसंधान संस्थान शिमला के हालिया अध्ययनों से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन के कारण कई पेड़ों की प्रजातियां निचले क्षेत्रों से लुप्त हो रही हैं। देवदार, नीला चीड़, हिमालयी बर्च, पश्चिम हिमालयी फर और बुरांस जैसी प्रजातियां अब ऊंचे क्षेत्रों में ही दिख रही हैं।
जलवायु परिवर्तन के कारण कम ऊंचाई की प्रजातियां मध्य ऊंचाई के जंगलों में प्रवेश कर रही हैं और ऊंचाई की प्रजातियां अल्पाइन क्षेत्रों में सिमट रही हैं। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक विनीत जिस्टू ने माना कि जलवायु परिवर्तन से वनस्पति की ऊंचाई में बढ़ोतरी हो रही है और कुछ प्रजातियों पर बहुत बुरा असर हो रहा है।
वन विभाग और हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान वर्ष 2010 से जलवायु परिवर्तन से वनस्पति पर हो रहे बदलाव को समझने के लिए शोध कर रहा है। शोध में कल्पा के चौरा कंडा, किन्नौर के नरदा कंडा और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में उग रही वनस्पति की ऊंचाई को दर्ज किया जा रहा है। शोध के प्रारंभिक नतीजों में भी प्रजातियों की ऊंचाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।