मंदिरों में दिखाया जाएगा लाइव प्रसारण, घर-घर जलाए जाएंगे घी के दीये
HNN/ नाहन
22 जनवरी का दिन हर किसी के लिए खास रहने वाला है। इस दिन पूरा माहौल दीपावली जैसा रहेगा, जिसे महा दीपावली का नाम दिया गया है। हर घर में कम से कम पांच दीये जलाए जाएंगे। आतिशाबाजी भी होगी। सुबह से ही पूरा माहौल रामभक्ति में लीन रहेगा।
दरअसल, इस बार प्रभु श्री राम 14 साल के बनवास काट नहीं, बल्कि 496 साल बाद अयोध्या लौट रहे हैं। 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन हिमाचल का कोना-कोना राममय होगा। इस दिन हर मंदिर अयोध्या केंद्रित होगा। इसके लिए रामभक्तों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विश्व हिंदू परिषद्, आरएसएस और हिंदू जागरण मंच समेत हिंदू विचारधारा के कार्यकर्ता इस कार्य में जुटे हैं। मंदिरों में एलईडी और पर्दे लगाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जहां रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का प्रसारण लाइव दिखाया जाएगा। सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक लोग भगवान श्रीराम के लाइव दर्शन करेंगे।
इस बीच मंदिरों में हनुमान चालीसा के पाठ होंगे। श्री राम जय राम जय जय राम विजय मंत्र का उच्चारण 108 बार होगा। शाम के समय घर-घर में दीपमालाएं जलाई जाएंगी। इस दौरान आतिशबाजी भी होंगी।
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मठ मंदिर प्रमुख दीपक भंडारी और विभाग मंत्री सोलन विभोर कुमार ने बताया कि 22 जनवरी का दिन सबसे लिए खास होगा। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता इस कार्य में जुटे हैं। हर विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
7 फरवरी को तीन राज्यों से जाएंगे 4,000 कार्यकर्ता
विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री विभोर कुमार ने बताया कि 7 फरवरी को वीएचपी, आरएसएस, हिंदू जागरण मंच के अलावा समानांतर विचारधाराओं के 4,000 कार्यकर्ता अयोध्या जाएंगे। इनमें हिमाचल प्रदेश और पंजाब से 1,500-1,500 और जम्मू कश्मीर से 1,000 लोग रामलला के दर्शन करेंगे और आठ फरवरी को श्री राम के दर्शन होंगे।

