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25 साल बाद परिवार से मिली साकम्मा के बाद अब पदमा मुर्मू भी अपनों के पास पहुंची

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 11 Feb 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / मंडी

मंडी प्रशासन ने पश्चिम बंगाल की 65 वर्षीय महिला को परिवार से मिलवाया

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला प्रशासन ने एक और मिसाल पेश की है। दिसंबर 2024 में कर्नाटक की साकम्मा को 25 वर्षों के बाद उसके परिवार से मिलवाने के बाद, अब प्रशासन ने पश्चिम बंगाल की 65 वर्षीय पदमा मुर्मू को भी उनके परिवार से मिला दिया है।

सोमवार को डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने पदमा मुर्मू को उनके भतीजे बबलू मुर्मू और पश्चिम बंगाल से आए अधिकारियों के हवाले कर दिया। जैसे ही पदमा ने अपने भतीजे को देखा, वह भावुक हो गई और खुशी के आंसू छलक पड़े। इस दृश्य ने वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर दीं

अक्टूबर 2021 में बिलासपुर में मिली थी पदमा

डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि अक्टूबर 2021 में पदमा मुर्मू बिलासपुर जिला में मिली थीं, जिसके बाद उन्हें चलखा स्थित आश्रम भेज दिया गया था।

सितंबर 2023 के बाद से वह भंगरोटू वृद्ध आश्रम में रह रही थीं। मंडी जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि ऐसे बेसहारा लोगों को उनके परिवार से मिलवाया जाए, और अब साकम्मा के बाद पदमा मुर्मू भी अपने परिवार के पास लौट रही हैं। यह प्रशासन और उनके परिवार के लिए एक भावुक और सुखद क्षण है।

एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी के प्रयास लाए रंग

एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी ने बताया कि जब साकम्मा को कर्नाटक ले जाने के लिए उनका परिवार आया था, उसी समय पदमा मुर्मू भी अपनों का इंतजार कर रही थी

पदमा को हिंदी नहीं आती थी, इसलिए उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई अधिकारियों की मदद से यहां काम कर रहे पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों से जानकारी जुटाई गई

हुगली जिले के आसनपुर गांव की रहने वाली हैं पदमा

प्रवासी मजदूरों से मिली जानकारी के अनुसार, पदमा मुर्मू पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के आसनपुर गांव की रहने वाली निकलीं । डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने तुरंत वहां के जिला प्रशासन से संपर्क किया और जानकारी साझा की।

इसके बाद, पश्चिम बंगाल प्रशासन ने सत्यापन के बाद अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को पदमा को लाने के लिए भेजा।