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ऊना / पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक, 1000 करोड़ के कार्यों में तेजी के निर्देश

PRIYANKA THAKUR • 3 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

ऊना जिले में जल शक्ति विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिले में लगभग 1000 करोड़ रुपये की पेयजल और सिंचाई योजनाएं प्रगति पर हैं, जिनकी समयबद्ध पूर्णता पर जोर दिया गया। साथ ही लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए।

ऊना

परियोजनाओं की प्रगति पर समीक्षा
ऊना जिले में जल शक्ति विभाग की विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों को निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि लोगों को पेयजल और सिंचाई सुविधाओं का लाभ व्यवस्थित रूप से मिल सके। समीक्षा बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया और लंबित कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

1000 करोड़ रुपये की योजनाएं निर्माणाधीन
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में वर्तमान में लगभग 1000 करोड़ रुपये की पेयजल और सिंचाई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें 550-600 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाएं और 350-400 करोड़ रुपये के सिंचाई कार्य शामिल हैं। इसके अलावा भभौर साहिब से पोलियां बीत तक 175 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

पूर्ण और निर्माणाधीन योजनाओं का विवरण
जानकारी के अनुसार मार्च 2026 तक जिले में 233 पेयजल योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 54 योजनाओं पर कार्य जारी है। सिंचाई क्षेत्र में 595 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जिससे 18,796 हेक्टेयर भूमि को लाभ मिला है, वहीं 67 योजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त जिले में 3,266 हैंडपंप स्थापित किए जा चुके हैं और 7 सीवरेज योजनाएं भी प्रगति पर हैं, जिससे जल प्रबंधन को और बेहतर बनाया जा रहा है।

एडीबी और सीवरेज योजनाओं पर निर्देश
एडीबी परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 19 योजनाओं में से 7 पूर्ण हो चुकी हैं और शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषगढ़ में 22.74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सीवरेज योजना के शेष कार्य को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।

ट्यूबवेल प्रबंधन और डेटा अपडेट
जल प्रबंधन को व्यवस्थित बनाने के लिए जिले में लगभग 600 ट्यूबवेल संचालित किए जा रहे हैं। जिन ट्यूबवेलों में मरम्मत या पुनर्निर्माण की आवश्यकता है, उनके लिए समेकित डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी ट्यूबवेलों की री-नंबरिंग कर विधानसभा-वार अद्यतन डेटा तैयार किया जा रहा है, जिससे संसाधनों का वैज्ञानिक और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में मौजूद अधिकारी
इस अवसर पर प्रमुख अभियंता जल शक्ति अंजू शर्मा, प्रमुख अभियंता परियोजना धर्मेंद्र गिल, चीफ इंजीनियर रोहित दुबे, अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान सहित जल शक्ति वृत ऊना के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।