पंजाब कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू को 34 साल पुराने रो रेज मामले में एक साल जेल की सजा सुनाई गई है। इससे पहले सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट से अपने खिलाफ रोडरेज मामले में दायर पुनर्विचार याचिका खारिज करने का अनुरोध किया था। सिद्धू ने पुनर्विचार याचिका के जवाब में कहा कि यह घटना 33 साल पहले की है और याचिका विचारणीय नहीं है। सिद्धू ने अपनी स्वच्छ प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से मामले में उनकी सजा में बदलाव नहीं करने का आग्रह भी किया था।
1988 का है मामला
यह मामला दिसंबर 1988 का है। सिद्धू पटियाला में कार से जाते समय बुजुर्ग गुरनाम सिंह से भिड़ गए थे। गुस्से में सिद्धू ने उन्हें मुक्का मारा जिसके बाद गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी। पटियाला पुलिस ने सिद्धू और उनके दोस्त रुपिंदर सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था।
निचली अदालत ने 1999 में सिद्धू को बरी कर दिया था लेकिन पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 2006 में सिद्धू को इस मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी। सिद्धू तब भाजपा के अमृतसर से सांसद थे। सजा के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।
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