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40,000 पेंशनर्स तक रहे है अपने पेंशन और डीए के भुगतान को- हरिदत्त शर्मा

Ankita 12 Feb 2024 Edited 12 Feb 1 min read

एकमुश्त भुगतान न हुआ तो पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सड़कों पर उतरने की दी चेतावनी

HNN/ नाहन

हिमाचल प्रदेश का पेंशनर सरकार की अनदेखी के चलते बिफर गया है। आज सोमवार को जिला सिरमौर पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिदत्त शर्मा की अगुवाई में उपायुक्त सिरमौर से मिला। संगठन के द्वारा लंबित पेंशन तथा डीए के भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेक्षित किया गया।

हरिदत्त शर्मा ने बताया कि 5 अक्टूबर 2023 को पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सुक्खू से पीटर हॉफ में मिला था। मुख्यमंत्री द्वारा वित्तीय संकट का हवाला देते हुए डीए की किस्त और लंबित पेंशन के भुगतान को लेकर दो महीने का समय दिया गया था। उन्होंने बताया कि बावजूद इसके 4 महीने बीत चुके हैं, मगर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है।

उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 2022 तक जो कर्मचारी सेवानिवृत हुए थे उन्हें पेंशन संशोधन का ना तो कोई नकद पैसा मिला है और ना ही उनके डीए की एक भी किस्त का भुगतान हुआ है। उन्होंने कहा कि 40,000 पेंशनर्स कर्मचारी हैं जिनकी पेंशन और डीए की किस्त लंबित पड़ी हुई है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ना तो उन्हें मिलने का समय दे रही है और ना ही डेपुटेशन बुला रही है।

उन्होंने कहा कि पेंशनर्स को गणतंत्र दिवस पर सरकार की घोषणा की बड़ी उम्मीद थी मगर इन मांगों को लेकर सरकार की ओर से उन्हें निराशा ही मिली है। शर्मा ने कहा कि सरकार के हर विभागों में बुजुर्गों के मेडिकल बिल पेंडिंग पड़े हुए हैं। यही नहीं प्रदेश में बुजुर्गों की मृत्यु दर भी बढ़ गई है। ऐसे में उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस पैसे का वह क्या करेंगे जो उन्हें उनकी मृत्यु के बाद मिलेगा।

उन्होंने सख्त लहजे में सरकार को चेताते हुए कहा कि उनके मेडिकल बिल, डीए तथा सेवानिवृत्ति के पैसे का एकमुश्त भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी करती है तो प्रदेश में व्यापक आंदोलन चलाकर पेंशनर्स सड़कों पर उतरेंगे। डेपुटेशन के दौरान जिला अध्यक्ष आत्माराम शर्मा, सचिव हुकम सिंह सहित दर्जनों सेवानिवृत्ति पेंशनर्स मौजूद रहे।