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79 साल बाद भी सड़क से दूर कोटली–सनोहत–ड्रेना के गांव

By हिमांचलनाउ डेस्क नाहन Published: 12 Mar 2026, 6:31 PM | Updated: 12 Mar 2026, 6:31 PM 0 min read

उपमंडल राजगढ़ की ग्राम पंचायत नेरी कोटली के अंतर्गत आने वाले कोटली, सनोहत और ड्रेना गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। आजादी के करीब 79 वर्ष बीत जाने के बाद भी इन गांवों तक सड़क नहीं पहुंच पाई है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के जीवन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

राजगढ़

ग्रामीणों ने शिमला पहुंच वन बल प्रमुख से लगाई सड़क स्वीकृति की गुहार

उपमंडल राजगढ़ की ग्राम पंचायत नेरी कोटली के अंतर्गत आने वाले कोटली, सनोहत और ड्रेना गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। आजादी के करीब 79 वर्ष बीत जाने के बाद भी इन गांवों तक सड़क नहीं पहुंच पाई है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के जीवन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वन विभाग से स्वीकृति की मांग

इसी समस्या को लेकर ग्राम पंचायत नेरी कोटली के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को राज कुमार ठाकुर के नेतृत्व में शिमला पहुंचा और प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) एवं नोडल अधिकारी (एफसीए) हिमाचल प्रदेश डॉ. संजय सूद से मुलाकात कर सड़क निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृति देने की मांग उठाई।

वन भूमि से गुजर रहा प्रस्तावित मार्ग

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कोटली–सनोहत–ड्रेना गांवों को जोड़ने वाली प्रस्तावित सड़क का कुछ हिस्सा वन विभाग की भूमि से होकर गुजरता है। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) आवश्यक है। विभागीय स्वीकृति न मिलने के कारण लंबे समय से सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों को रोज झेलनी पड़ रही परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क सुविधा न होने के कारण गांव के लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है। बरसात और खराब मौसम के दौरान यह रास्ता और भी अधिक जोखिम भरा हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी बीमार लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल तक पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है।

विकास के लिए सड़क को बताया जरूरी

ग्रामीणों ने कहा कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की मूलभूत आवश्यकता है। यदि इन गांवों तक सड़क सुविधा उपलब्ध होती है तो शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

अधिकारी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

इस दौरान प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं नोडल अधिकारी (एफसीए) डॉ. संजय सूद ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी और आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी तथा नियमों के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उचित कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये ग्रामीण रहे मौजूद

प्रतिनिधिमंडल में पृथ्वीराज, भाग सिंह, राजेश, शमशेर, अखिल, कुलदीप, जगमेश और कपिल सहित अन्य ग्रामीण भी मौजूद रहे।