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कृषि विश्वविद्यालय के पैंशनरों ने लंबित वित्तीय देयों के भुगतान की मांग उठाई, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 52 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के पैंशनरों ने लंबे समय से लंबित सेवानिवृत्ति लाभों, महंगाई भत्ते के बकाए, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों और अन्य वित्तीय देयों के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। पैंशनर्ज सभा की वार्षिक सामान्य सभा में सदस्यों ने इन मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग करते हुए कहा कि लंबित भुगतानों के कारण कई पैंशनरों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कांगड़ा

पैंशनर्ज सभा की वार्षिक सामान्य सभा आयोजित

हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पैंशनर्ज सभा की वार्षिक सामान्य सभा विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में पैंशनरों और सभा पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान सेवानिवृत्ति लाभों, पैंशन संबंधी मामलों, चिकित्सा सुविधाओं तथा अन्य वित्तीय देयों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से लंबित विभिन्न भुगतान मामलों के कारण अनेक पैंशनरों को प्रशासनिक और आर्थिक स्तर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सभा में इन मामलों के शीघ्र समाधान के लिए सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया।

लंबित भुगतानों का उठाया गया मुद्दा

बैठक में पैंशनरों ने अवकाश नकदीकरण (लीव एनकैशमेंट), कम्यूटेशन राशि, 15 माह के महंगाई भत्ते के बकाए, संशोधित पैंशन पर देय पैंशन भत्ते, वेतन संशोधन से संबंधित एरियर, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों तथा चार वर्षों से अधिक समय से लंबित लाइफ टाइम एरियर के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। सदस्यों का कहना था कि इन देयों के भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने नियमित खर्चों और चिकित्सा आवश्यकताओं के प्रबंधन में कठिनाई हो रही है। सभा ने मांग की कि लंबित मामलों की समयबद्ध समीक्षा कर भुगतान प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

सभा ने बताई अब तक की प्रगति

सभा की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष डॉ. एसपी शर्मा ने बताया कि पिछले चार महीनों के दौरान पैंशनर्ज सभा ने विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ लगातार संवाद स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप लगभग 600 संशोधित पैंशन भुगतान आदेश जारी करवाए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में पैंशनरों को लाभ मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व वर्षों से लंबित बढ़े हुए पैंशन भत्तों की अदायगी से जुड़े मामलों को भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। इसके अतिरिक्त पैंशनरों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नए पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ करवाई गई है।

लंबित मामलों के समाधान पर चर्चा

बैठक में उपस्थित सदस्यों से लंबित मामलों के समाधान के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए। सभा पदाधिकारियों ने कहा कि पैंशनरों के हितों से जुड़े सभी मामलों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर संबंधित प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारियों के समक्ष रखा जा रहा है। महासचिव डॉ. एसके उपाध्याय ने विभिन्न लंबित न्यायालयीन मामलों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सभा इन मामलों की नियमित निगरानी कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में पैंशनरों की सहायता के लिए सभा के कल्याण कोष को सक्रिय किया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सदस्यों को सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।

निर्धारित अवधि में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि आगामी पखवाड़े के भीतर लंबित वित्तीय देयों और अन्य भुगतान मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं होती है, तो पैंशनर्ज सभा विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू करने पर विचार करेगी। सभा पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य लंबित मामलों का समाधान संवाद और प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से करवाना है, लेकिन यदि भुगतान में और विलंब होता है तो आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कटोच ने सभा का वित्तीय लेखा-जोखा प्रस्तुत किया, जबकि उपाध्यक्ष राजिंदर सिंह, संयुक्त सचिव जेपी ठाकुर, मीडिया सलाहकार डॉ. हृदयपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर वयोवृद्ध सदस्यों डॉ. एसके भल्ला और डॉ. बीपी कायस्था को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। साथ ही डॉ. पवन मेहता, डॉ. जतिंदर किश्तवाड़िया, डॉ. आरएस जम्वाल सहित कई सदस्यों ने विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव और विचार रखे।