Agriculture / धर्मशाला में 19 करोड़ रुपये से बनेगा प्रदेश का पहला रिमोट सैंसिंग एवं डैमोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम कें
Agriculture : प्रदेश में कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण और तकनीक आधारित प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए धर्मशाला में राज्य का पहला रिमोट सैंसिंग एवं डैमोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम केंद्र स्थापित किया जाएगा। करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना के माध्यम से कृषि, वन और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों को डिजिटल डेटा उपलब्ध कराया जाएगा।
शिमला
19 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होगा नया केंद्र
प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए धर्मशाला में राज्य का पहला रिमोट सैंसिंग एवं डैमोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (RS-DIS) केंद्र स्थापित करेगी। यह परियोजना करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित की जाएगी। परियोजना के लिए भूमि से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। केंद्र के माध्यम से कृषि विभाग मौसम, भूमि, फसलों की स्थिति, भूमि उपयोग और अन्य कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों का डिजिटल संग्रह, विश्लेषण और प्रबंधन कर सकेगा। अधिकारियों के अनुसार यह केंद्र प्रदेश में कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण और वैज्ञानिक प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसंरचना के रूप में कार्य करेगा।
कई विभागों को मिलेगा डिजिटल डेटा
इस केंद्र से प्राप्त आंकड़े केवल कृषि विभाग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों को भी आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराए जाएंगे। रिमोट सैंसिंग तकनीक के माध्यम से तैयार होने वाला डिजिटल डेटा विकास योजनाओं की योजना बनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, भूमि उपयोग के आकलन, जल स्रोतों की निगरानी और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होगा। विभागों के बीच डेटा साझा करने की व्यवस्था मजबूत होने से योजनाओं के निर्माण, निगरानी और क्रियान्वयन में अधिक समन्वय और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
कृषि क्षेत्र और किसानों को मिलेगा तकनीकी लाभ
केंद्र स्थापित होने के बाद कृषि विभाग मौसम संबंधी जानकारी, फसलों की स्थिति, भूमि उपयोग, कृषि क्षेत्र में होने वाले बदलाव और अन्य आवश्यक आंकड़े स्वयं एकत्र एवं विश्लेषित कर सकेगा। इससे किसानों को समय पर वैज्ञानिक सलाह, फसल प्रबंधन संबंधी जानकारी और मौसम आधारित कृषि परामर्श उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं या प्रतिकूल मौसम की स्थिति में त्वरित आकलन करने तथा आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी निर्णय लेने में भी सहायता मिलेगी। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी, सटीक और डेटा आधारित बनाना है।
आधुनिक तकनीकी संसाधनों से लैस होगा केंद्र
कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि विभाग को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में स्थापित होने वाले रिमोट सैंसिंग एवं डैमोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों को आधुनिक कंप्यूटर, उच्च क्षमता वाले लैपटॉप, डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम और अन्य आवश्यक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि परियोजना के संचालन के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों, ताकि केंद्र पूरी दक्षता के साथ कार्य कर सके और विभिन्न विभागों को समयबद्ध एवं सटीक डिजिटल जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
