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अजा एकादशी व्रत 7 सितंबर को, 8 सितंबर सुबह होगा पारण; जानें समय और विधि

हिमाचलनाउ डेस्क • 5 Hours Ago • 1 Min Read

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 6 सितंबर की शाम 7 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर 7 सितंबर की शाम 5 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। व्रत का पारण 8 सितंबर की सुबह निर्धारित समय के भीतर किया जाएगा। अजा एकादशी को अनंदा एकादशी भी कहा जाता है और धार्मिक मान्यताओं में इसका विशेष महत्व बताया गया है।

अजा एकादशी व्रत के पारण का समय

अजा एकादशी व्रत का पारण 8 सितंबर 2026 की सुबह 6 बजकर 2 मिनट से 8 बजकर 33 मिनट के बीच किया जा सकता है। पारण वाले दिन द्वादशी तिथि दोपहर 2 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगी। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान नहीं करना चाहिए। श्रद्धालुओं को निर्धारित अवधि में ही पूजा पूरी करने के बाद व्रत खोलने की सलाह दी जाती है।

पारण की विधि

पारण के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने और स्वच्छ वस्त्र पहनने की परंपरा है। इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पूजा में तुलसी दल, पीले फूल और फल अर्पित किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सामर्थ्य के अनुरूप ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराने और दान-दक्षिणा देने के बाद चरणामृत तथा तुलसी दल ग्रहण करके व्रत खोलना चाहिए। इसके बाद सात्विक भोजन किया जा सकता है।

पारण के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

व्रत खोलने के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करने की मान्यता है। इस दिन लहसुन, प्याज, मसूर की दाल और तली-भुनी चीजों से परहेज करने को कहा गया है। श्रद्धालु अजा एकादशी के अवसर पर तुलसी की माला से भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप कर सकते हैं। सुबह और शाम घी का दीपक जलाने, अन्न, फल, कपड़े तथा आवश्यक वस्तुएं दान करने और गाय व अन्य जीवों को भोजन कराने की भी धार्मिक परंपरा है। अजा एकादशी की कथा सुनना भी शुभ माना जाता है।

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