Loading...

अमेरिका-ईरान सीजफायर का श्रेय किसे? पाकिस्तान के दावे के बीच Donald Trump बोले—ये तो चीन का कमाल है

हिमाचलनाउ डेस्क • 13 Hours Ago • 1 Min Read

अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो सप्ताह के युद्धविराम को लेकर अब पूरी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती नजर आ रही है। शुरुआत में जहां पाकिस्तान ने इस सीजफायर का श्रेय लेते हुए दावा किया था कि उसने दोनों देशों को बातचीत के लिए तैयार किया, वहीं अब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयान ने इस कहानी में बड़ा ट्विस्ट ला दिया है।

AFP से बातचीत में ट्रंप ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस सीजफायर का ‘असली हीरो’ चीन है। उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक चीन ने ही ईरान को बातचीत की मेज पर आने के लिए राजी किया और यही इस समझौते की सबसे अहम कड़ी रही।

इससे पहले Associated Press की रिपोर्ट में भी सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि चीन पर्दे के पीछे लगातार सक्रिय था और ईरान पर युद्धविराम के लिए दबाव बना रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, आखिरकार चीनी अधिकारियों को इस दिशा में सफलता भी मिली।

करीब 40 दिनों तक चले तनाव के बाद यह युद्धविराम संभव हो पाया है। दोनों देशों के बीच बनी सहमति के तहत दो सप्ताह के लिए संघर्ष रोकने पर सहमति बनी है। इस समझौते का एक अहम पहलू यह भी है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को फिर से खोलने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

दूसरी ओर, पाकिस्तान लगातार इस पूरी प्रक्रिया में अपनी भूमिका को रेखांकित कर रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सक्रिय कूटनीतिक प्रयास किए और अमेरिका व ईरान के नेताओं से संपर्क साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रंप, जेडी वेंस, मार्को रुबियो, स्टीव विटकॉफ और ईरानी नेतृत्व को टैग करते हुए दो सप्ताह के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था।

पाकिस्तान के अनुसार, इस प्रस्ताव में दो प्रमुख बातें शामिल थीं—पहली, अमेरिका अपनी समयसीमा को दो सप्ताह तक बढ़ाए और दूसरी, ईरान सद्भावना के तौर पर इतने समय के लिए Strait of Hormuz को खोल दे। पाकिस्तान ने यह भी दावा किया कि उसकी पहल के बाद ही बातचीत को गति मिली।

हालांकि, The New York Post की रिपोर्ट ने भी इस बात को मजबूती दी है कि इस पूरे घटनाक्रम में चीन की भूमिका बेहद अहम रही। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने न सिर्फ तनाव कम करने में योगदान दिया, बल्कि दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने में भी मदद की।

कुल मिलाकर, इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यही सामने आई है कि जहां पाकिस्तान खुद को इस सीजफायर का सूत्रधार बता रहा था, वहीं ट्रंप के बयान ने यह संकेत दिया है कि असली कूटनीतिक भूमिका चीन ने निभाई। इससे यह भी साफ होता है कि वैश्विक स्तर पर बड़े संकटों के समाधान में चीन की सक्रियता लगातार बढ़ रही है।

Related Topics: