Himachalnow / चंबा
ग्रामीण विकास और पारंपरिक उत्पादों को संरक्षित करने की पहल
150 महिलाओं को 90 दिवसीय प्रशिक्षण
आश्रय फाउंडेशन और एचडीएफसी बैंक परिवर्तन के समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत 150 ग्रामीण महिलाओं को 90 दिनों का कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य रोजगार निर्माण, सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्पादों का संरक्षण, और आजीविका के स्थायी साधनों को बढ़ावा देना था।
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प्रशिक्षण केंद्र और कार्यक्रम की जानकारी
डॉ. नवीन शर्मा , आश्रय फाउंडेशन के प्रमुख , ने बताया कि यह प्रशिक्षण चंबा जिले के उदयपुर, राजनगर खास, भड़ोह, हरिपुर, और कियानी गांवों में आयोजित किया गया। प्रत्येक केंद्र पर 25 प्रशिक्षार्थियों का एक बैच बनाया गया, और कियानी में महिलाओं की उत्साहजनक प्रतिक्रिया के कारण दो बैच बनाए गए , जिसमें 50 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया।
पारंपरिक और सांस्कृतिक कौशल सिखाए गए
महिलाओं को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा चंबा रुमाल कढ़ाई , चंबा थाल, पाइन नीडल उत्पाद, शॉल और टोपी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। यह कार्यक्रम अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ और इसका अंतिम बैच 18 जनवरी 2025 को समाप्त हुआ।
एचडीएफसी बैंक और आश्रय फाउंडेशन की भागीदारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन संबंधी वित्तीय सहायता एचडीएफसी बैंक परिवर्तन द्वारा प्रदान की गई, जबकि आश्रय फाउंडेशन ने इसका मार्गदर्शन किया। डॉ. नवीन शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे , जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।
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