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भलेई मंदिर परिसर में श्रमिक दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / चंबा

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर भलेई माता मंदिर परिसर में विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में श्रमिक अधिकारों, महिला सशक्तिकरण, यातायात नियमों और निशुल्क कानूनी सहायता की विस्तृत जानकारी दी गई।

चंबा/भलेई

श्रमिक अधिकारों और श्रमिक दिवस का महत्व

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आयोजित इस विधिक साक्षरता शिविर में श्रमिकों के अधिकारों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की गई। वक्ताओं ने बताया कि 1 मई को मनाया जाने वाला यह दिवस श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। शिविर में उपस्थित लोगों को बताया गया कि प्रत्येक श्रमिक को उचित वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और सामाजिक सुरक्षा का अधिकार प्राप्त है, जिसे लागू करना कानूनी रूप से आवश्यक है। इसके साथ ही श्रमिक वर्ग को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास में भूमिका

कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि समाज के संतुलित विकास के लिए महिलाओं का शिक्षित, आत्मनिर्भर और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होती हैं, तो इसका सीधा प्रभाव परिवार और समाज के विकास पर पड़ता है। उपस्थित प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है, जिससे वे किसी भी प्रकार के शोषण या भेदभाव के खिलाफ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

विधिक सेवा प्राधिकरण और निशुल्क कानूनी सहायता

शिविर में सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण की विभिन्न सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गरीब, असहाय, श्रमिक, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांग व्यक्ति और अन्य पात्र वर्गों को निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है, जिनकी वार्षिक आय निर्धारित सीमा से कम होती है। इसके साथ ही लोक अदालतों के माध्यम से मामलों के त्वरित निपटारे की प्रक्रिया को भी सरल और प्रभावी बताया गया। नागरिकों को टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इस सेवा के माध्यम से कोई भी व्यक्ति बिना शुल्क के कानूनी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है।

यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा पर जागरूकता

कार्यक्रम में ट्रैफिक मैजिस्ट्रेट द्वारा यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग आवश्यक है। इसके अलावा तेज गति से वाहन चलाना, ओवरलोडिंग और नशे की हालत में ड्राइविंग जैसे कारण सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं, जिन्हें रोकना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उपस्थित लोगों को सड़क संकेतों की जानकारी, पैदल यात्रियों के अधिकार और सुरक्षित ड्राइविंग के मूल सिद्धांतों के बारे में भी अवगत कराया गया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

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